स्क्रीन टाइम बढ़ा तो आंखों ने मांगा ब्रेक: क्यों सूख रही हैं आंखें?
AKANSHA UPADHYAY
सुबह उठते ही फोन चेक करना और रात को स्क्रॉल करते-करते सो जाना आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। दुनिया से जुड़ने के लिए स्क्रीन जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम हमारी आंखों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।सबसे आम शिकायत है—आंखों में रूखापन, जलन और थकान।इसकी बड़ी वजह है पलकें कम झपकाना। आमतौर पर इंसान एक मिनट में करीब 15 से 20 बार पलकें झपकाता है, लेकिन स्क्रीन देखते समय यह संख्या काफी कम हो जाती है। पलकें आंखों पर आंसुओं की नमी की परत बनाए रखने में मदद करती हैं। कम पलक झपकाने से यह नमी जल्दी सूख सकती है।
लंबे समय तक स्क्रीन देखने, गलत दूरी और लगातार एक ही जगह फोकस करने से डिजिटल आई स्ट्रेन भी हो सकता है। इसके कारण आंखों में भारीपन, धुंधलापन और सिरदर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।लेकिन हर बार आंखों का सूखापन सिर्फ स्क्रीन की वजह से नहीं होता। पलक की तेल ग्रंथियों में रुकावट, कुछ दवाएं और थायरॉइड या ऑटोइम्यून बीमारियां भी इसकी वजह हो सकती हैं।
बचाव के लिए अपनाएं 20-20-20 नियम—हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए करीब 20 फीट दूर देखें। स्क्रीन को आंखों से थोड़ा नीचे रखें, पर्याप्त दूरी बनाए रखें और एसी की सीधी हवा से बचें। पर्याप्त पानी पिएं और आहार में हरी सब्जियां व ओमेगा-3 जैसे पोषक तत्व शामिल करें।और सबसे जरूरी बात—बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी आई ड्रॉप इस्तेमाल न करें। अगर आंखों का सूखापन लगातार बना रहे, दर्द या नजर धुंधली हो, तो आंखों के डॉक्टर से जांच जरूर कराएं।

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