लखनऊ में नकली IPS का गजब कारनामा! ₹40 के लिए गया जेल!

लखनऊ के नवाबों के शहर से जालसाजी, हेकड़ी और कॉमेडी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप भी अपना सिर पकड़ लेंगे! जी हां महानगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे युवक को दबोचा है, जो खुद को फर्जी IPS अधिकारी बताकर पूरे इलाके में अपना खौफ पैदा कर रहा था। हद तो तब हो गई जब इस फर्जी साहब ने असली खाकी वर्दी वालों को ही अपनी औकात दिखाने की कोशिश की और उन्हें मौके पर ही सैल्यूट ठोकने का फरमान सुना दिया। लेकिन अफसोस, इस फर्जी सिंघम की पूरी सल्तनत महज 40 रुपये के बन-मक्खन के चक्कर में ताश के पत्तों की तरह ढह गई! 

दरअसल, मामले लखनऊ के महानगर स्थित गोल मार्केट चौराहे का है। यहाँ वीरू गुप्ता नाम के एक सीधे-साधे दुकानदार की चाय-बन की दुकान है। 13 जून की रात, एक रौबीला शख्स दुकान पर आता है, बड़े चाव से 40 रुपये का बन-मक्खन और चाय पीता है। लेकिन जब दुकानदार वीरू ने पैसे मांगे, तो उस शख्स की आंखे तन गई। उसने जेब से पैसे निकालने की बजाय रौब से अपनी छाती चौड़ी की और कहा, "जानते नहीं मैं कौन हूँ? नोएडा का IPS अधिकारी हूँ!" जिसके बाद फर्जी साहब बिना पैसे दिए ही वहां से नौ दो ग्यारह होने लगे। लेकिन दुकानदार ने आव देखा न ताव, तुरंत पास की पुलिस चौकी को फोन घुमा दिया। 
सूचना मिलते ही जब उपनिरीक्षक आर्यन शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, तो नजारा देखने लायक था। आरोपी युवक असली पुलिस को देखते ही भड़क गया। उसने पुलिस टीम को ही आड़े हाथों लेते हुए कड़क आवाज में पूछा, "मुझे देखकर तुम लोगों ने सैल्यूट क्यों नहीं मारा? और तुम लोगों की पुलिस कैप कहाँ है?" शुरुआत में तो असली पुलिसवाले भी इस तेवर को देखकर थोड़ा झिझक गए कि कहीं सच में कोई बड़े ओहदे का साहब नाराज न हो गया हो। लेकिन कहते हैं ना कि चोर की दाढ़ी में तिनका! युवक के हाव-भाव और बात करने के अजीब तरीके को देखकर दरोगा जी को गहरा शक हुआ। पुलिस टीम ने जैसे ही कहा, "साहब, थोड़ा अपना आईडी कार्ड दिखा दीजिए," वैसे ही कथित IPS का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वह आईडी दिखाने के बजाय उल्टा पुलिसवालों के ही नाम-पते पूछने लगा और नौकरी से सस्पेंड कराने की धमकी देने लगा। 

हालांकि आरोपी बाद में आईडी दिखाऊंगा कहकर किसी तरह वहां से खिसक गया, लेकिन इस पूरे ड्रामे का किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही लखनऊ पुलिस एक्टिव हुई और इस बहुरूपिये की तलाश शुरू कर दी। कहते हैं कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर हो, अपनी आदत से बाज नहीं आता। 15 जून को पुलिस को फिर सूचना मिली कि वही कथित IPS साहब गोल मार्केट की उसी वीरू गुप्ता की दुकान पर दोबारा बन-मक्खन के पैसे को लेकर बखेड़ा खड़ा कर रहे हैं। इस बार पुलिस ने कोई ढिलाई नहीं बरती। मौके पर पहुंची महानगर पुलिस ने आरोपी को कॉलर से पकड़ा और सीधे थाने ले आई। थाने के लॉकअप की हवा लगते ही नोएडा के IPS की सारी हेकड़ी धरी की धरी रह गई। खाकी के कड़े तेवर के आगे उसने हाथ जोड़कर अपना असली सच उगल दिया। महानगर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि पकड़े गए आरोपी का असली नाम मिथिलेश शुक्ला है, जो लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वह किसी पुलिस सेवा में नहीं है, बल्कि नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी में मामूली अकाउंट एग्जीक्यूटिव के पद पर काम करता है! 
मिथिलेश शुक्ला ने कबूल किया कि वह केवल लोगों पर रौब जमाने, दुकानदारों से मुफ्त में खाने-पीने और पुलिसवालों पर धौंस जमाने के लिए फर्जी IPS अधिकारी बनता था। पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपी ने झूठी पहचान बताकर न केवल कानून का मजाक उड़ाया, बल्कि पुलिसकर्मियों को धमकाकर सरकारी कार्य में गंभीर बाधा पहुंचाई। जहां महानगर पुलिस ने आरोपी मिथिलेश शुक्ला के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और सरकारी कर्मचारी को डराने-धमकाने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जज साहब ने उसे सीधे जेल भेज दिया। अब लखनऊ पुलिस इस बात की भी तफ्तीश कर रही है कि इस फर्जी रसूख के दम पर इस शातिर दिमाग ने अब तक और कितने लोगों को चूना लगाया है। 

तो देखा आपने इसे कहते हैं सस्ता शौक और भारी नुकसान! महज 40 रुपये की चाय और बन-मक्खन का बिल बचाने के चक्कर में मिथिलेश बाबू ने ऐसा IPS का चोला ओढ़ा कि अब असली पुलिस ने उन्हें वो सैल्यूट मारा है जिसकी गूंज सीधे जेल की सलाखों के पीछे सुनाई दे रही है। यह मामला उन सभी के लिए एक कड़ा सबक है जो फर्जी रसूख और खोखली हेकड़ी के दम पर कानून और आम जनता को अपनी जेब में रखने की भूल करते हैं। फिलहाल, फर्जी साहब जेल के मेन्यू का लुत्फ उठा रहे हैं!

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