क्या आप भी खा रहे हैं मौत की दवा? Fake Medicines का सबसे बड़ा खुलासा!

जरा सोचिए...क्या आप जो दवा अपने या अपने किसी प्रियजन के इलाज के लिए बड़ी उम्मीद से निगल रहे हैं, वो वाकई आपको जिंदगी दे रही है या फिर आपके शरीर में धीमा ज़हर घोल रही है? जी हां ये सवाल इसलिए क्योंकि देश में इस वक्त नकली खोआ और मिलावटी पनीर से भी बड़ा एक खौफनाक खेल चल रहा है, और वो है मौत की दवाइयों का व्यापार! पुडुचेरी से लेकर दिल्ली, यूपी, हरियाणा और महाराष्ट्र तक फर्जी और नकली दवाओं का ऐसा काला नेटवर्क फैल चुका है, जिसे देखकर खुद जांच एजेंसियां भी सन्न रह गई हैं. 5,000 करोड़ का ज़हरीला कच्चा माल, कैंसर और बीपी की फर्जी गोलियां, और इस घिनौने खेल में खाकी वर्दीधारी IPS अधिकारी तक शामिल हैं! 

आपको बता दें इस काली दुनिया का जो सबसे बड़ा और दिल दहला देने वाला सच सामने आया है, उसने देश के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया! पुडुचेरी में हुई एक बड़ी कार्रवाई के दौरान लगभग 5,000 करोड़ की नकली दवाएं और ज़हरीला कच्चा माल बरामद किया गया. इस केस की जांच जैसे ही आगे बढ़ी, इसके तार सीधे एक सीनियर IPS अधिकारी से जा जुड़े! इस पुलिस अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद साफ हो गया कि यह रैकेट कितना रसूखदार और बेखौफ हो चुका था. इतना ही नहीं, देश भर में हुई ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन, कैंसर की फर्जी दवाएं, ब्लड प्रेशर, और हम-आपकी रोज़मर्रा की जिंदगी में शामिल पैरासिटामोल तक की नकली कॉपियां पकड़ी गईं. देश के अलग-अलग हिस्सों से दर्जनों आरोपियों को भारी मात्रा में प्रतिबंधित और ज़हरीले कच्चे माल के साथ दबोचा जा चुका है. 

वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट ने इस काले सच पर जो मुहर लगाई है, वो रोंगटे खड़े कर देने वाली है! आपको बता दें कम और मध्यम आय वाले देशों में बिकने वाली हर 10 में से 1 दवा पूरी तरह से नकली और बेकार है. हर साल दुनिया भर के गरीब और मध्यम वर्गीय लोग इलाज के नाम पर फर्जी दवाओं में 2.89 लाख करोड़ रुपये पानी की तरह बहा देते हैं. ये दवाएं न सिर्फ बीमारी ठीक करने में नाकाम रहती हैं, बल्कि मरीज के शरीर में ऐसे साइड इफेक्ट्स पैदा कर देती हैं जिन्हें जीवन भर ठीक कर पाना नामुमकिन हो जाता है! 

दरअसल, इस साल 1 जनवरी से लेकर अब तक लगभग 3 दर्जन से अधिक ऐसी भीषण घटनाएं दर्ज हुई हैं, जिनमें अलग-अलग एजेंसियों ने नकली दवाएं बनाने वाली फैक्ट्रियों पर बुलडोजर चलाया है. दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के दर्जनों गुप्त ठिकानों पर छापेमारी हुई. अब तक 75 से ज्यादा शातिर अपराधी दबोचे जा चुके हैं और दर्जनों एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ये दरिंदे साधारण सिरदर्द-बुखार की पैरासिटामोल से लेकर रेबीज, एंटी-सीरम, लाइफ सेविंग ड्रग्स और कैंसर तक की नकली दवाएं बनाकर बाजारों में खपा रहे थे! वहीं जांच में खुलासा हुआ कि ये जालसाज उन्हीं दवाओं को निशाना बनाते हैं जिन्हें आम जनता सीधे मेडिकल स्टोर से नाम लेकर खरीदती है. इन दवाओं की पैकेजिंग और रैपर इतने परफेक्ट और हूबहू असली ब्रांड जैसे बनाए जाते हैं कि आम ग्राहक तो क्या, कोई डॉक्टर भी अपनी आंखों से देखकर फर्क नहीं बता सकता! 

जाहिर है नकली दवाओं का यह मकड़जाल अब किसी महामारी से कम नहीं रह गया है! आपकी एक छोटी सी लापरवाही या सिर्फ डिब्बे का रंग देखकर दवा खरीद लेना आपके अपने किसी की जान पर भारी पड़ सकता है. जब तक प्रशासन इन भ्रष्ट अफसरों और ज़हरीले धंधेबाजों को नहीं पकड़कता, तब तक आपको और हमें ही सावधान रहना होगा! कोई भी दवा खरीदने से पहले उसका बैच नंबर, बारकोड और ऑथेंटिक केमिस्ट की जांच जरूर करें. 

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