शाह चौकी में ‘खनन सिंडिकेट’ बेनकाब — पुलिस निगरानी में दिनदहाड़े लूटी जा रही सरकारी मिट्टी
फतेहपुर : योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को खुलेआम चुनौती देते हुए गाजीपुर थाना क्षेत्र की शाह चौकी इन दिनों अवैध मिट्टी खनन के गढ़ के रूप में उभरती नजर आ रही है। चौकी क्षेत्र के अंतर्गत दिनदहाड़े बिना किसी वैध अनुमति के मिट्टी से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़कों पर फर्राटा भरते देखे जा रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार पुलिस तंत्र आंख मूंदे बैठा है।सूत्रों के मुताबिक,शाह चौकी क्षेत्र से महज 1 से 1.5 किलोमीटर के दायरे में लगातार सरकारी भूमि से मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। यह पूरा खेल न तो छिपकर हो रहा है और न ही रात के अंधेरे में — बल्कि खुलेआम और सार्वजनिक रास्तों से मिट्टी शहर तक पहुंचाई जा रही है।स्थानीय लोगों का आरोप — खनन नहीं, अवैध कारोबारों का अड्डा बन चुकी है शाह चौकी स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शाह चौकी क्षेत्र में सिर्फ मिट्टी खनन ही नहीं, बल्कि अवैध लकड़ी कटान कच्ची व अवैध शराब की बिक्री मादक पदार्थों का कारोबार जैसी गतिविधियां भी कथित तौर पर धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। एक स्थानीय ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया—यह सब बिना पुलिस की जानकारी के संभव नहीं है। ट्रैक्टर रोज निकलते हैं, रास्ता तय है, समय तय है — फिर कार्रवाई क्यों नहीं सरकारी जमीन की मिट्टी, शहर में मोटा मुनाफा सूत्र बताते हैं कि खनन माफिया सरकारी भूमि से मिट्टी निकालकर शहर के अंदर ऊँचे दामों पर बेच रहे हैं।जानकारी के अनुसार—राधानगर क्षेत्र में ₹1500 प्रति ट्रॉली, शहर के भीतर ₹2000 से ₹3500 प्रति ट्रॉली की दर से मिट्टी बेची जा रही है।इस अवैध कारोबार से सरकार को भारी राजस्व नुकसान, जबकि माफियाओं की तिजोरियां भरने की चर्चा जोरों पर है।लोकेटर नेटवर्क, होटल और थार गाड़ी से निगरानी स्थानीय सूत्रों का दावा है कि खनन माफिया ने पूरा लोकेटर नेटवर्क खड़ा कर रखा है।
पहले शाह बायपास स्थित एक होटल से गतिविधियां संचालित होती थीं, लेकिन हालिया हलचल के बाद अब अलग-अलग होटलों और एक थार गाड़ी में बैठकर पूरे रूट की निगरानी की जा रही है।जब तक रास्ता साफ नहीं होता, तब तक ट्रैक्टर नहीं निकलते — इसके बाद दिन-रात खनन जारी रहता है।एक सूत्रीय सिस्टम’ के गंभीर आरोप स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मौजूदा चौकी इंचार्ज के कार्यकाल में अवैध गतिविधियों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है।
आरोप है कि चौकी स्तर पर एक कथित एक सूत्रीय सिस्टम काम कर रहा है, जहां एक कारखास सिपाही के माध्यम से अवैध कारोबारियों से महीने की रकम तय की जाती है।इसके बाद खनन हो या अन्य अवैध धंधे — सब कुछ बेखौफ चलता है।शिकायतों पर ‘कागजी कार्रवाई’ का खेल?स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब शिकायत या खबरें सामने आती हैं तो दिखावे की कार्रवाई होती है, फिर कुछ दिन बाद हालात जस के तस।इतना ही नहीं, मीडिया द्वारा जानकारी मांगे जाने पर चौकी स्तर से असहयोगात्मक रवैया अपनाए जाने की भी चर्चा है।जनता पूछ रही है सवाल क्या शाह चौकी क्षेत्र में जीरो टॉलरेंस नीति सिर्फ कागजों तक सीमित है। क्या अवैध खनन माफिया यूं ही कानून को ठेंगा दिखाते रहेंगे?या फिर वरिष्ठ अधिकारी हस्तक्षेप कर वास्तविक कार्रवाई करेंगे?क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी इस संबंध में जब क्षेत्राधिकारी जाफरगंज ब्रज मोहन राय से शाह क्षेत्र में हो रहे मिट्टी खनन को लेकर बातचीत की गई, तो उन्होंने कहा खबरें संज्ञान में हैं, कई गतिविधियां सामने आई हैं। बहुत जल्द सभी मामलों को कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा। फिलहाल शाह चौकी क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर जनचर्चा तेज है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन केवल बयान तक सीमित रहता है या दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर जनता के विश्वास को कायम रखता है।
रिपोर्टर : अमित कुमार

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