खेत में रहस्यमयी गड्ढा,तंत्र‑मंत्र या खजाने की तलाश
फतेहपुर - खेत में रहस्यमयी गड्ढा,तंत्र‑मंत्र या खजाने की तलाश धान के खेत में पूजा सामग्री मिलने से गांव में दहशत और चर्चाएं 6 फिट गहरा गड्ढा,कुल्हड़ में दूध‑बताशा और हवन सामग्री बरामद ग्रामीणों में मचा हड़कंप,‘माया’और तंत्र‑मंत्र की आशंका पुलिस जांच के बाद ही खुलेगा रहस्य,खेत मालिक ने दी सूचना उत्तर प्रदेश के फतेहपुर ज़िले के एक गांव में धान के खेत में मिला एक गहरा गड्ढा इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। गड्ढे के पास पूजा-पाठ से जुड़ी सामग्री मिलने के बाद गांव में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं—कहीं इसे तंत्र-मंत्र से जोड़ा जा रहा है,तो कहीं ज़मीन में दबे खजाने की तलाश से। हालांकि विशेषज्ञों और प्रशासनिक अनुभवों के अनुसार,ऐसे मामलों में डर या रहस्य से ज़्यादा ज़रूरी है तथ्यों की जांच।
फतेहपुर के क्षेत्र के सिठोर गांव में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया,जब एक किसान के धान के खेत में रहस्यमयी ढंग से खोदा गया गहरा गड्ढा लोगों की नजर में आया।यह गड्ढा लगभग 6 फिट गहरा और 5 फिट चौड़ा बताया जा रहा है,जिसके अंदर और बाहर पूजा‑पाठ से जुड़ी सामग्री मिलने के बाद गांव में तरह‑तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
जानकारी के अनुसार,सिठोर गांव निवासी बहादुर सिंह तोमर के धान के खेत में किसी अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा रात के अंधेरे में गड्ढा खोदा गया।गड्ढे के अंदर मिट्टी के दो कुल्हड़,जिनमें दूध,बताशा,साथ ही अगरबत्ती और फूल रखे मिले।वहीं गड्ढे के बाहर भी गंगाजल,फूल‑अगरबत्ती और हवन सामग्री बिखरी हुई पाई गई,जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि यहां किसी प्रकार की पूजा या तंत्र‑मंत्र की क्रिया की गई है। जैसे‑जैसे यह सूचना गांव में फैली,खेत के पास ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।कुछ लोगों का कहना है कि यह जमीन में गड़े खजाने या ‘माया’ को निकालने की कोशिश हो सकती है,जबकि कुछ ग्रामीण इसे किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए किए गए तंत्र‑मंत्र से जोड़कर देख रहे हैं।इन अटकलों के चलते गांव में भय और आशंका का माहौल बना हुआ है। खेत मालिक बहादुर सिंह तोमर ने पूरे मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी है।ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर गड्ढा क्यों और किस उद्देश्य से खोदा गया।खबर लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन मौके पर नहीं पहुंच सका था,जिससे लोगों की बेचैनी और बढ़ गई है।
पत्रकार - अमित कुमार

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