जागेश्वर धाम मार्ग बदहाल: सावन में श्रद्धालुओं की आस्था पर कीचड़ का संकट

फ़तेहपुर - सावन माह में जहां प्रशासन शिवालयों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं क्षेत्र के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम मंदिर तक पहुंचने वाला मुख्य जीबी मार्ग बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। जागेश्वर धाम से बुधरामऊ, मल्हीपुर, सुसवन, धर्मपुर, कोटवा और धरहरी को जोड़ने वाली करीब आठ किलोमीटर लंबी सड़क गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण तालाब में तब्दील हो गई है। नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर भरे पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया और सरकार व जिम्मेदार विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।

ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क केवल छह गांवों का संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि करीब 10 हजार की आबादी की जीवनरेखा है। इसी रास्ते से प्रतिदिन स्कूली बच्चे,किसान,मरीज और ग्रामीण आवाजाही करते हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इसी मार्ग से क्षेत्र के प्रसिद्ध जागेश्वर बाबा मंदिर तक हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। सावन के दौरान फतेहपुर के यमुना पार क्षेत्र सहित आसपास के 20 से 24 गांवों और अन्य जनपदों से प्रतिदिन हजारों कांवड़िये और श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं,लेकिन बदहाल सड़क उनकी आस्था की राह में बड़ी बाधा बनी हुई है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। बरसात शुरू होते ही पूरी सड़क पानी में डूब जाती है और गड्ढे दिखाई नहीं देते। इससे दोपहिया वाहन फिसलने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। कई लोग चोटिल हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक आंखें मूंदे बैठा है। जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने से स्थिति और भयावह हो गई है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सड़क का पुनर्निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था नहीं कराई गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा,जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में फूल सिंह,ज्ञान सिंह,राजेंद्र,नागेंद्र पाल,सुरेंद्र,ममता,सावित्री,जावित्री,सुरेश,ननकई,रमेश,मंगल,राघव,सुमित लोधी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

रिपोर्टर - शहंशाह आब्दी 

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