रोस्टिंग के नाम पर कटौती का खेल, हर दो-एक घंटे में गुल हो रही बिजली, उपभोक्ताओं में आक्रोश

फतेहपुर :  जिले के ग्रामीण व कस्बों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। खागा 132 केवी ट्रांसमिशन विद्युत उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में रोस्टिंग के नाम पर बार-बार बिजली कटौती किए जाने से लोगों में विभागीय व्यवस्था के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि हर दो-एक घंटे के अंतराल में करीब दो-दो घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। लगातार कटौती के चलते घरों से लेकर दुकानों और छोटे कारोबार तक प्रभावित हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी सुल्तानपुर घोष विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति महज नाममात्र रह गई है।

इन दिनों उमस और गर्मी के बीच बार-बार बिजली गुल होने से लोग बेहाल हैं। बिजली आने का इंतजार करते-करते उपभोक्ताओं की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। वहीं विद्युत उपकरणों पर निर्भर दुकानदारों और कारोबारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

- निर्धारित रोस्टिंग या मनमानी से हो रही कटौती....?

उपभोक्ताओं का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि कटौती निर्धारित रोस्टिंग के तहत की जा रही है तो इसका स्पष्ट शेड्यूल सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा, निर्धारित समय से अधिक बिजली क्यों काटी जा रही है और बार-बार आपूर्ति बाधित होने की वजह क्या है...? लोगों का कहना है कि शिकायत करने पर कभी फाल्ट तो कभी रोस्टिंग का हवाला दिया जाता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

* जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग

उपभोक्ताओं ने उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए खागा ट्रांसमिशन से लेकर संबंधित विद्युत उपकेंद्रों तक की आपूर्ति व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी स्पष्ट किए जाने की मांग की गई है कि क्षेत्र में प्रतिदिन कितने घंटे की रोस्टिंग निर्धारित है और वास्तविकता में कितने घंटे बिजली कटौती की जा रही है। सवाल यह है कि रोस्टिंग के नाम पर आखिर यह कटौती कब तक जारी रहेगी और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति कब मिलेगी।

रिपोर्टर : मोहम्मद अब्बास

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