फतेहपुर से दिल्ली तक गूंजा आक्रोश महिला पत्रकार से बदसलूकी पर प्रेस परिषद पहुंचे पत्रकार
फतेहपुर : दिल्ली में एक महिला पत्रकार के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित मारपीट और अभद्रता की घटना को लेकर यूपी के पत्रकारों में भारी रोष है। इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताते हुए फतेहपुर के पत्रकारों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।प्रदेश में पत्रकारों की आवाज बुलंद करने वाले दो बड़े संगठनों - श्रमजीवी पत्रकार यूनियन और मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन - के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित भारतीय प्रेस परिषद में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजेश त्रिवेदी के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने प्रेस परिषद से मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए और भविष्य में महिला पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस गाइडलाइन जारी की जाए। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सचिव मो. रशीद, प्रदेश उपाध्यक्ष निहाल सिंह जेम्स और बाराबंकी संयोजक अजय मिश्रा प्रमुख रूप से शामिल रहे।फतेहपुर में गरजी पत्रकार महापंचायत इसी कड़ी में फतेहपुर में भी पत्रकार लामबंद हुए। जिलाध्यक्ष खलीक अहमद जाफरी की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय बैठक में इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई।बैठक में मुख्य अतिथि प्रदेश सचिव मो. रशीद ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, "एक तरफ सरकार 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देती है, वहीं दूसरी तरफ वर्दीधारी ही बेटियों के सम्मान को कुचल रहे हैं। एक महिला पत्रकार के साथ मारपीट केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि निष्पक्ष पत्रकारिता पर हमला है। सरकार को इसका तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।"प्रदेश उपाध्यक्ष निहाल सिंह जेम्स ने कहा, महिला सुरक्षा के लिए सरकार की पहल स्वागतयोग्य है, लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और कलम वाली बेटी के साथ ऐसी बर्बरता हो, तो यह पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल है। इस पर तत्काल अंकुश लगना ही चाहिए।" बैठक में वरिष्ठ पत्रकार निर्मल सिंह यादव, मैशर अब्बास, रोहित कुमार श्रीवास्तव, मो. सैफ, दिनेश श्रीवास्तव, वशीम शाह राजू, अमित कुमार सिंह, नुरुल हक, सुरेश चंद्र, मो. अनीश सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में दोषियों पर कार्रवाई न होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।
रिपोर्टर : शारिब कमर
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