फतेहपुर में गंगा का रौद्र रूप
फतेहपुर : लगातार हो रही बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी ने गंगा के जलस्तर को खतरनाक बना दिया है। फतेहपुर में गंगा नदी खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिससे तटवर्ती इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है।बाढ़ का सबसे ज्यादा असर बिधूना तहसील के अभयपुर और आशापुर गांवों में देखा जा रहा है, जहां बाढ़ का पानी गांव के अंदर तक घुस गया है। इसके अलावा सनाहपुर और जाड़े का पुरवा भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है। निचले इलाकों में पानी भरने से कई संपर्क मार्ग टूट गए हैं।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है।
प्रशासन का एक्शन प्लान
जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है, जिस पर प्रशासन की पैनी नजर है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।राहत शिविर सक्रिय:अभयपुर और आशापुर पंचायतों में बाढ़ आपदा राहत शिविर स्थापित कर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
खाने-पीने की व्यवस्था: शिविरों में प्रशासन की ओर से भोजन, लंच पैकेट, स्वच्छ पेयजल और अन्य जरूरी सामग्री की आपूर्ति की जा रही है।निगरानी तेज:बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए आपदा चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। आपदा मित्र, सशस्त्र बल के जवान और जिला प्रशासन की टीमें लगातार भ्रमण कर रही हैं। प्रभावित मार्गों की मरम्मत का काम भी शुरू करा दिया गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को समय रहते सुरक्षित निकालना और उन्हें भोजन, पेयजल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि जलस्तर और बढ़ने पर तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जा सके।
रिपोर्टर : शारिब कमर
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