अस्पताल से तहसील तक रेंगती रही जिंदगी, दो PRD जवान और पूरी ट्रैफिक पुलिस फेल!
फतेहपुर : सदर कोतवाली क्षेत्र में आज शहर नहीं, जाम बोला। सदर अस्पताल से पुरानी तहसील और बैंक ऑफ बड़ौदा तक गाड़ियों की लंबी लाइन ऐसी लगी कि एंबुलेंस तक को रास्ता नहीं मिला।हैरानी की बात ये है कि इस भीषण जाम को खोलने के लिए सिर्फ PRD के दो जवान पसीना बहाते रहे, और जिले की पूरी ट्रैफिक पुलिस नाकाम नजर आई। सवाल यही है -आखिर कब तक फतेहपुर की जनता इस जाम से जूझती रहेगी।
बारिश + जलभराव + जाम ,फतेहपुर की ट्रिपल मुसीबत,एक तरफ बारिश से जगह-जगह जलभराव, ऊपर से सड़कों पर आड़े-तिरछे खड़े वाहन। नाला और फुटपाथों पर अवैध कब्जा, तो सड़क पर ई-रिक्शा का कब्जा।शहर की सबसे बड़ी सच्चाई यही है:रोड पर गाड़ी खड़ी करने का तरीका ही जाम की जड़ है। लोग जहां मन करता है वहीं बाइक-कार लगा देते हैं, और फिर पूरा शहर जाम में फंस जाता है।जब तक ई-रिक्शाओं पर लगाम नहीं कसेगी, तब तक रोज ऐसे ही हादसे और जाम लगते रहेंगे। यातायात पुलिस को अब चालान से ज्यादा सुधार पर ध्यान देना होगा।आम जनता से अपील है, गाड़ी खड़ी करने से पहले एक बार सोच लें - आपकी एक गलत पार्किंग सैकड़ों लोगों की परेशानी बन जाती है। यातायात नियमों का पालन करें, फतेहपुर को जाम-पुर बनने से बचाएं।
रिपोर्टर : शारिब कमर
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