प्रदेश में वकीलों के उत्पीड़न पर खागा बार का हल्ला बोल
फतेहपुर : वकीलों पर दर्ज मुकदमों की सुनवाई दूसरे जिलों में कराने और हड़ताल न करने की अंडरटेकिंग मांगे जाने के विरोध में मॉडल बार एसोसिएशन तहसील खागा ने मोर्चा खोल दिया है।कानपुर बार और जिला बार एसोसिएशन फतेहपुर के आह्वान पर बुधवार को बार अध्यक्ष राजेंद्र सिंह एडवोकेट और महामंत्री मलखान सिंह यादव एडवोकेट के संयुक्त नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार पीयूष कुमार को सौंपा। उपजिलाधिकारी खागा की गैर मौजूदगी में ज्ञापन लिया गया। ज्ञापन में बार ने कहा कि अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को गैर जनपद में ट्रांसफर करना न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है। साथ ही बार संघों से जबरन मुचलका / शपथ पत्र लेना अधिवक्ताओं के संवैधानिक और विधिक अधिकारों का हनन है। बार की 5 बड़ी मांगें,
गृह जनपद में सुनवाई: वकीलों पर दर्ज मुकदमों की सुनवाई अन्य जनपद में नहीं, उनके मूल जिले में ही हो।अंडरटेकिंग बंद हो: हड़ताल न करने की जबरन अंडरटेकिंग की प्रक्रिया तत्काल बंद की जाए।
सुरक्षा कानून लागू हो: अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।दमन पर रोक: अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता को कुचलने वाली दमनकारी नीतियों पर रोक लगे।
जसवंत सिंह आयोग: लंबे समय से लंबित जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट बिना देरी लागू की जाए।अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो खागा का अधिवक्ता समाज सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन को बाध्य होगा। इस दौरान रामसखा द्विवेदी, सुमन जी,अरविन्द पांडेय, श्याम कुमार गुप्ता, सूर्य प्रकाश सिंह, अशोक श्रीवास्तव, राजेश द्विवेदी, जितेंद्र द्विवेदी, राजेश तिवारी, विवेक पाठक, बलवंत सिंह, आशुतोष पांडे, कृष्णकांत त्रिवेदी, अंशुमान शुक्ला, धर्मेंद्र सिंह, सुशील नारायण शुक्ला, यूसुफ सिद्दीकी, इंद्रेश पांडे, सुरेंद्र सिंह, अखिलेश अग्रहरि सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।
रिपोर्टर : शहंशाह आब्दी
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