पटेल सेवा संस्थान में अनियमितताओं पर सर्वसाधारण बैठक

फतेहपुर - पटेल सेवा संस्थान में कथित अनियमितताओं और चुनाव प्रक्रिया को लेकर शनिवार को सर्वसाधारण की बैठक आयोजित की गई। दोपहर दो बजे से शुरू हुई बैठक में संस्थान की कार्यप्रणाली, सदस्यता, आय-व्यय और चुनाव प्रक्रिया पर चर्चा की गई।बुद्धि-शुद्धि सत्याग्रह के आंदोलनकारी मुकेशभाई पटेल, अधिवक्ता पूजा सचान और आस्था पटेल ने अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाए। बैठक में संस्थान के वास्तविक सदस्यों के साथ ही बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी शामिल हुए, जिन्होंने सदस्यता लेने के बावजूद सदस्य नहीं बनाए जाने का आरोप लगाया।बैठक में लगे प्रमुख आरोप,वर्ष 2014 से अब तक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सचिव, उपसचिव और प्रबंधकारिणी के पदों पर लगातार एक ही समूह का नियंत्रण,पिछले वर्षों में कराए गए तीन चुनावों की वैधता पर सवाल, संस्था के संविधान के विपरीत होने का आरोप,आय-व्यय में लाखों रुपये की कथित अनियमितता,दिवंगत सदस्यों को आमसभा के अभिलेखों में जीवित दर्शाने का आरोप,ढाई हजार से अधिक लोगों से 200 रुपये सदस्यता शुल्क लेने के बावजूद सदस्यता नहीं देने का आरोप,संस्था के संविधान के विपरीत बताए जा रहे तीनों चुनावों को अवैध घोषित करने की मांग

सदस्यता शुल्क जमा करने वाले ढाई हजार से अधिक लोगों को आजीवन सदस्य बनाने की प्रक्रिया पूरी करने की मांग,वित्तीय अनियमितताओं की जांच, वास्तविक आय-व्यय का ब्योरा सार्वजनिक करने और संबंधित धनराशि बैंक खाते में जमा कराने की मांग, जिसमें ओमनी नर्सिंग होम से प्राप्त किराया, सदस्यता शुल्क, साहूजी महाराज की प्रतिमा के लिए एकत्र चंदा तथा सामाजिक/सांस्कृतिक कार्यक्रमों से प्राप्त शुल्क का हिसाब शामिल, कथित अवैध तरीके से पद ग्रहण के आरोपों को लेकर संबंधित पदाधिकारी से समाज के समक्ष माफी और शिलापट्टों पर वैधानिक अध्यक्ष एवं सचिव के नाम अंकित कराने की मांग,उत्तरी द्वार पर लिखे ‘स्वर्गीय इन्द्रपाल स्मृति द्वार’ को हटाकर अमर स्वतंत्रता सेनानी बाबू दीपनारायण सिंह या संस्थापक अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिंह के नाम पर द्वार का नामकरण करने का सुझाव

सभी सुधार होने और स्मृतिपत्र के अनुरूप पारदर्शी चुनाव होने तक अधिवक्ता सुनील उमराव की कार्यकारिणी से कार्य व दायित्व निर्वहन जारी रखने की मांग,बैठक में सभी छह प्रस्ताव करतल ध्वनि के साथ पारित किए गए। इसके बाद हस्ताक्षर प्रक्रिया पूरी कर शाम चार बजे प्रेस वार्ता के साथ बैठक के समापन की घोषणा की गई।

रिपोर्टर - शहंशाह आब्दी 

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