13 मामलों में उम्रकैद, महिला अपराधों में सजा दिलाने पर विशेष जोर
फतेहपुर - जनपद के अभियोजन कार्यालय में शनिवार को वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के लिए पहुंचे संयुक्त निदेशक अभियोजन विवेक चंद्रा ने एक जनवरी 2026 से 30 जून 2026 तक के छह माह के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अभियोजन अधिकारियों के कार्यों की सराहना की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस अवधि में जनपद में 42 गंभीर आपराधिक मामलों में अभियुक्तों को सजा दिलाई गई है। संयुक्त निदेशक ने बताया कि छह माह के दौरान दहेज हत्या के 10 मामलों में अभियुक्तों को सजा सुनाई गई। दुष्कर्म के दो मामलों और पॉक्सो एक्ट के चार मामलों में आजीवन कारावास की सजा हुई। इसके अलावा हत्या के 12 मामलों, हत्या के प्रयास के 12 मामलों तथा गैंगस्टर एक्ट के दो मामलों में भी अभियुक्तों को सजा दिलाई गई। उन्होंने बताया कि कुल 42 गंभीर मामलों में सजा हुई, जिनमें 13 मामलों में आजीवन कारावास और 13 मामलों में 10 वर्ष से अधिक की सजा शामिल है। उन्होंने कहा कि अभियोजन विभाग का उद्देश्य प्रभावी पैरवी के माध्यम से पीड़ितों को न्याय दिलाना और अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दिलाना है। संयुक्त निदेशक अभियोजन ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप महिला संबंधी अपराधों के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत प्रभावी पैरवी की जा रही है। वर्तमान में मिशन शक्ति फेज-6 के अंतर्गत महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में दोषियों को सजा दिलाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों, कॉलेजों और महिला संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, उनके अधिकारों और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए, ताकि मिशन शक्ति अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।
रिपोर्टर - शारिब कमर

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