अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी-2 की अदालत ने सुनाया फैसला
फतेहपुर - दहेज हत्या के एक मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-2 अजय सिंह प्रथम की अदालत ने पति समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, असोथर थाना क्षेत्र के हरनवा गांव निवासी रामसहाय ने अपनी पुत्री आराधना देवी की शादी 8 मई 2021 को खागा थाना क्षेत्र के भोगलपुर गांव निवासी निरंजन पाल के साथ की थी। शादी में उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज और गृहस्थी का सामान दिया था। आरोप था कि शादी के बाद ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज के रूप में एक लाख रुपये नकद और सोने की जंजीर की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर आराधना को प्रताड़ित किया जाता था। एक अप्रैल 2022 को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग ससुराल पहुंचे तो उन्होंने बेटी की दहेज के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगाया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने पति निरंजन पाल, ससुर रामप्रताप और सास सुधा रानी को दोषी ठहराया। अदालत ने तीनों को धारा 304बी आईपीसी के तहत आजीवन कारावास, धारा 498ए आईपीसी के तहत कारावास व 15-15 हजार रुपये अर्थदंड तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत एक-एक वर्ष के कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
रिपोर्टर - शारिब कमर

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