केंद्रीय बजट 2026-27: युवाओं को राहत, आम आदमी की जेब पर मिला-जुला असर-

केंद्रीय बजट 2026-27: युवाओं को राहत, आम आदमी की जेब पर मिला-जुला असर-

तीन प्रमुख कर्तव्यों का किया ऐलान-

केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपना लगातार 9वां बजट प्रस्तुत किया, जिसे सरकार ने “युवाओं को समर्पित बजट” बताया है। इस बजट में सरकार ने अपने तीन प्रमुख कर्तव्यों का ऐलान किया, जिनमें जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना अहम बताया गया। बजट में कई ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे कुछ जरूरी चीजें सस्ती होंगी, जबकि कुछ वस्तुओं पर खर्च बढ़ेगा।

विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और उनके परिवारों को बड़ी राहत दी गई है। अब मान्यता प्राप्त बैंक या संस्थान से लिए गए एजुकेशन लोन के जरिए विदेश भेजी गई राशि पर TCS नहीं लगेगा। इसके अलावा LRS के तहत टैक्स-फ्री रेमिटेंस की सीमा ₹7 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी गई है, जिससे पढ़ाई और इलाज का खर्च कम होगा।

‘बायोफार्मा शक्ति’ के तहत ₹10,000 करोड़ का निवेश
दवाइयों के मोर्चे पर भी राहत मिली है। ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना के तहत अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इससे डायबिटीज, कैंसर समेत 17 जरूरी दवाओं और 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज की दवाएं सस्ती होने की उम्मीद है।खेलो इंडिया को मजबूती देने के लिए ₹10,000 करोड़ एसएमई को आवंटित किए गए हैं, जिससे खेल सामग्री जैसे बैट, बॉल और फिटनेस गियर सस्ते हो सकते हैं। वहीं चमड़ा उद्योग को बढ़ावा मिलने से जूते, बेल्ट और बैग्स के दाम घटने की संभावना है।

राहत और जिम्मेदारी का संदेश देता है आम बजट-

लिथियम-आयन सेल निर्माण पर कस्टम ड्यूटी छूट जारी रहने से ईवी, मोबाइल फोन और टैबलेट सस्ते हो सकते हैं। मछुआरों को कस्टम ड्यूटी से राहत मिलने से सी-फूड भी सस्ता हो सकता है। हालांकि बजट में शराब, सिगरेट और पान मसाले पर टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे ये चीजें महंगी होंगी। कुल मिलाकर यह बजट आम आदमी को राहत और जिम्मेदारी—दोनों का संदेश देता है।

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