अगले कुछ महीनों तक पेट्रोल-डीजल राहत की उम्मीद नहीं
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल राहत मिलने की संभावना कम है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अगले दो से तीन महीनों में स्थिति की समीक्षा के बाद ही कीमतों पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रिफाइनरियां अभी भी उस महंगे कच्चे तेल को प्रोसेस कर रही हैं, जिसे ईरान से जुड़े तनाव के दौरान ऊंची कीमतों पर खरीदा गया था।
सरकार के अनुसार, लागत से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी बेचने के कारण सरकारी तेल कंपनियों को 30 जून तक ₹74,781 करोड़ का नुकसान हुआ है। अप्रैल-जून तिमाही में पेट्रोल पर ₹19,905 करोड़, डीजल पर ₹1.44 लाख करोड़ और एलपीजी पर ₹24,148 करोड़ की अंडर-रिकवरी दर्ज की गई।
मई में इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे कच्चे तेल के चलते पेट्रोल और डीजल के दाम ₹7.50 प्रति लीटर तक बढ़ाए थे। हालांकि, अभी तक इन कंपनियों ने कीमतों में कोई कटौती नहीं की है।
वहीं, निजी कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता कर दिया है। भोपाल में अब नायरा का पेट्रोल ₹114.79 प्रति लीटर और डीजल ₹99.57 प्रति लीटर मिल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से घटकर करीब 70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं। सरकार का कहना है कि यदि यह गिरावट अगले कुछ महीनों तक बनी रहती है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी राहत मिल सकती है।
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