भविष्य देखने का दावा करने वाला शख्स कौन है? ‘लिविंग नास्त्रेदमस’ के दावों से दुनिया में हलचल
सोशल मीडिया पर इन दिनों ब्राजील के एक शख्स एथोस सलोमे काफी चर्चा में हैं। उन्हें कई लोग ‘लिविंग नास्त्रेदमस’ के नाम से जानते हैं। 39 वर्षीय सलोमे का दावा है कि उन्होंने भविष्य की कई बड़ी घटनाओं को पहले ही भांप लिया था और उनकी कुछ भविष्यवाणियां अब सच साबित होती नजर आ रही हैं।
सलोमे का नाम सबसे ज्यादा तब चर्चा में आया, जब उनके समर्थकों ने दावा किया कि उन्होंने कोविड-19 महामारी और ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन जैसी घटनाओं को पहले ही संकेतों के जरिए बताया था। अब वह साल 2026 और आने वाले समय को लेकर किए गए अपने दावों की वजह से सुर्खियों में हैं।
2026 को लेकर क्या हैं एथोस सलोमे के दावे?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सलोमे ने कुछ अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को लेकर पहले से चेतावनी देने का दावा किया था। इनमें ईरान और इजराइल के बीच बढ़ता तनाव भी शामिल है। उनका कहना है कि परमाणु मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति को उन्होंने पहले ही महसूस किया था।
इसके अलावा उन्होंने 2026 के फुटबॉल विश्व कप को लेकर भी एक दावा किया है। सलोमे के अनुसार, स्पेन इस टूर्नामेंट में जीत हासिल कर सकता है और टीम की लाल जर्सी उनकी भविष्यवाणी का हिस्सा है। हालांकि, इस दावे को लेकर आलोचक सवाल उठाते हैं और कहते हैं कि कई संभावनाओं में से एक का अनुमान लगाना भविष्यवाणी साबित नहीं करता।
दुनिया के लिए बड़ी चेतावनी का दावा
अपनी नई भविष्यवाणी में सलोमे ने उत्तरी ध्रुव को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि आने वाले वर्षों में आर्कटिक क्षेत्र रूस और नाटो देशों के बीच तनाव का केंद्र बन सकता है।
उनके अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण पिघलती बर्फ के चलते इस इलाके में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों और नए समुद्री रास्तों को लेकर देशों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। उन्होंने अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में भी संघर्ष बढ़ने की आशंका जताई है।
कैसे करते हैं एथोस सलोमे भविष्यवाणी?
सलोमे के मुताबिक, वह किसी जादुई शक्ति या चमत्कार के आधार पर भविष्यवाणियां नहीं करते। उनका कहना है कि वह इतिहास, प्रतीकों और प्राचीन यहूदी परंपरा ‘कबालाह’ जैसी मान्यताओं का अध्ययन करके घटनाओं की व्याख्या करते हैं।
हालांकि, वह खुद भी मानते हैं कि उनकी हर भविष्यवाणी का 100 प्रतिशत सही होना संभव नहीं है। उनके अनुसार, ये निश्चित भविष्य नहीं बल्कि घटनाओं और संकेतों की एक व्याख्या होती है।
भविष्यवाणियों पर उठते सवाल
जहां कुछ लोग एथोस सलोमे के दावों को दिलचस्प मानते हैं, वहीं कई विशेषज्ञ और आलोचक इन पर संदेह भी जताते हैं। उनका मानना है कि बड़ी घटनाओं के बाद पहले किए गए अस्पष्ट दावों को उनसे जोड़ना आसान होता है।
फिलहाल एथोस सलोमे की भविष्यवाणियां सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। वह खुद इन्हें किसी उपलब्धि के बजाय मानवता को सतर्क करने की कोशिश बताते हैं।
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