दक्षिण गड़चिरोली के विकास को नई दिशा
गड़चिरोली : गड़चिरोली जिले के दुर्गम एवं विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण दक्षिण गड़चिरोली क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे जिलाधिकारी अविशांत पांडा ने अहेरी तहसील के विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता संतोषभाऊ ताटीकोंडावार ने जिलाधिकारी से क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक एवं निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से आलापल्ली–पाटागुडम राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य, कमलापुर स्थित हाथी कैंप का पर्यटन की दृष्टि से विकास, पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
आलापल्ली–पाटागुडम राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण पर गंभीर चर्चा
दक्षिण गड़चिरोली के आवागमन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण आलापल्ली से पाटागुडम राष्ट्रीय राजमार्ग के लंबित एवं निर्माणाधीन कार्य को लेकर संतोषभाऊ ताटीकोंडावार ने जिलाधिकारी अविशांत पांडा का ध्यान आकर्षित किया।
इस सड़क की खराब एवं अधूरी स्थिति के कारण आम नागरिकों, विद्यार्थियों, मरीजों, शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों, व्यापारियों तथा यात्रियों को होने वाली परेशानियों पर गंभीरता से चर्चा की गई।
चर्चा के दौरान संबंधित राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने की दिशा में सकारात्मक आश्वासन दिया गया। यह कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा होने पर दक्षिण गड़चिरोली के आवागमन में बड़ी सुविधा होगी तथा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद व्यक्त की गई।
महाराष्ट्र के एकमात्र शासकीय हाथी कैंप के विकास पर विशेष जोर
दौरे के दौरान जिलाधिकारी अविशांत पांडा ने अहेरी तहसील के कमलापुर स्थित महाराष्ट्र के एकमात्र शासकीय हाथी कैंप का भी दौरा किया। उन्होंने कैंप का निरीक्षण किया और हाथियों को स्वयं फल खिलाए। जिलाधिकारी के इस आत्मीय व्यवहार से उपस्थित नागरिकों एवं पर्यटकों में उत्साह का वातावरण दिखाई दिया।
गड़चिरोली जिले के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में शामिल इस हाथी कैंप का प्राकृतिक पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण को बनाए रखते हुए पर्यटन की दृष्टि से विकास करने पर विशेष चर्चा हुई।
पर्यटकों के लिए बेहतर आवास, स्वच्छता, मार्गदर्शन, सूचना केंद्र तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो यहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है, ऐसा विश्वास व्यक्त किया गया।
पर्यटन के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर
कमलापुर हाथी कैंप और आसपास के प्राकृतिक संसाधनों को पर्यटन विकास से जोड़ने पर स्थानीय युवाओं, महिलाओं एवं आदिवासी समुदाय के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इस विषय पर भी विस्तार से सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया।
स्थानीय युवाओं को पर्यटन गाइड, स्थानीय खाद्य पदार्थों के व्यवसाय, हस्तकला एवं वन उपज की बिक्री, पर्यटकों के लिए आवश्यक सेवाएं तथा अन्य सहायक व्यवसायों के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की बड़ी संभावनाएं हैं।
पर्यटन विकास के माध्यम से न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।
अधिकारियों की उपस्थिति में विकास की संभावनाओं पर चर्चा
इस अवसर पर उपवनसंरक्षक नावकिशोर रेड्डी, उपविभागीय वनाधिकारी विषुवर्धन रेड्डी, उपविभागीय अधिकारी पिसाल, सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता चंद्रशेखर सालोडकर, उपविभागीय अभियंता आर. के. पारेलवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय नागरिक एवं पर्यटक उपस्थित थे।
दक्षिण गड़चिरोली जैसे दुर्गम क्षेत्र की समस्याओं को प्रत्यक्ष दौरे के माध्यम से समझना, नागरिकों से संवाद करना तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विकास की संभावनाओं पर चर्चा करना एक सकारात्मक पहल है, ऐसी भावना उपस्थित नागरिकों ने व्यक्त की।
“प्रशासन और नागरिकों के समन्वय से संभव है सतत विकास” — संतोषभाऊ ताटीकोंडावार
सामाजिक कार्यकर्ता संतोषभाऊ ताटीकोंडावार ने कहा—
«“दक्षिण गड़चिरोली में प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीव और पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसके साथ यदि अच्छी सड़कें और मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं तो पर्यटन को बड़ी गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। प्रशासन और नागरिकों के समन्वय से इस क्षेत्र का सतत एवं सर्वांगीण विकास संभव है।”»
जिलाधिकारी अविशांत पांडा के अहेरी तहसील दौरे से आलापल्ली–पाटागुडम राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य को गति मिलने के साथ-साथ कमलापुर हाथी कैंप के पर्यटन विकास को भी नई दिशा मिलेगी, ऐसी उम्मीद दक्षिण गड़चिरोली के नागरिकों द्वारा व्यक्त की जा रही है।
रिपोर्टर : संजय यमसलवार
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