जिला वार्षिक योजना की जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा
गढ़चिरौली : जिला वार्षिक योजना 2025–26 के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन में सभी संबंधित विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर, शासन के नियमों का पालन करते हुए तथा अनुशासनपूर्वक निधि व्यय करें। साथ ही, विकास कार्यों में गुणवत्ता, उपयोगिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ऐसे निर्देश जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने दिए।
नियोजन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने जिला वार्षिक योजना के अंतर्गत चल रहे एवं प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान लंबित प्रशासनिक स्वीकृतियां, निधि वितरण की स्थिति तथा वर्ष 2026–27 के लिए तैयार किए जा रहे प्रारूप योजना मसौदों पर चर्चा की गई। जिन कार्यालयों द्वारा अब तक प्रारूप आराखड़े प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, उन्हें शीघ्रातिशीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिए।
बैठक में महिला बचत समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से उनके उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने हेतु बिक्री केंद्रों की स्थापना, दुग्ध प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने, जिले के सभी शासकीय कार्यालयों को सौर ऊर्जा (सोलर) आधारित करने संबंधी प्रस्ताव तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही नवीन एवं अभिनव योजनाओं के लिए व्यवहार्य, गुणवत्तापूर्ण और दीर्घकालीन लाभ देने वाले प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी पंडा ने स्पष्ट किया कि सभी प्रस्ताव शासन द्वारा निर्धारित अधिकतम व्यय सीमा के भीतर ही हों, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। अनावश्यक अथवा अव्यावहारिक खर्च से बचते हुए संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिला वार्षिक योजना के अंतर्गत स्वीकृत कुल 456 करोड़ रुपये के नियत व्यय में से अब तक 445 करोड़ 78 लाख रुपये के कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। शेष लगभग 9 करोड़ रुपये के प्रस्ताव अभी लंबित हैं। इन प्रस्तावों के संबंध में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे शीघ्र तकनीकी स्वीकृति प्राप्त कर पूर्ण दस्तावेजों के साथ प्रशासनिक स्वीकृति हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करें, ताकि निधि का समय पर उपयोग हो सके।
इस समीक्षा बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

No Previous Comments found.