‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ अभियान में गढ़चिरोली का राज्यस्तरीय गौरव

गढ़चिरोली : राज्य सरकार की ओर से आयोजित ‘वंदनीय बालासाहेब ठाकरे आरोग्यरत्न’ तथा ‘महाआरोग्य सम्मान 2026’ पुरस्कार वितरण समारोह में ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य के लिए गढ़चिरोली जिले को राज्य स्तर पर विशेष सम्मान प्रदान किया गया। दुर्गम और अतिदुर्गम क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु किए गए प्रभावी प्रयासों की राज्य सरकार ने सराहना की।

राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर तथा स्वास्थ्य राज्यमंत्री मेघनाताई बोर्डीकर के हाथों जिले को यह सम्मान प्रदान किया गया।
महाआरोग्य सम्मान 2026 प्राप्त सम्मानित व्यक्ति
डॉ. अमोल कुकुडकर, चिकित्सा अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पेरमिली —
सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, निवारक उपायों, जनजागरूकता अभियानों और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराने के लिए उन्हें “महाआरोग्य सम्मान – 2026” से सम्मानित किया गया।
श्रीमती पार्वती तिम्मा, आशा कार्यकर्ता, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाहेरी —
अतिदुर्गम एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने के लिए उन्हें भी “महाआरोग्य सम्मान – 2026” प्रदान किया गया।
अभियान के अंतर्गत प्रमुख कार्य
गढ़चिरोली जिले ने इस अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जिसके पीछे स्वास्थ्य विभाग की सुनियोजित और प्रभावी कार्यप्रणाली रही है।
सर्वांगीण स्वास्थ्य जांच
दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं और किशोरियों की घर-घर जाकर जांच की गई। हीमोग्लोबिन (Hb), रक्तचाप (BP) तथा अन्य आवश्यक परीक्षणों पर विशेष ध्यान दिया गया।
एनीमिया उन्मूलन अभियान
महिलाओं में रक्त की कमी दूर करने के लिए आयरन (IFA) की गोलियों का वितरण तथा संतुलित आहार संबंधी मार्गदर्शन शिविर आयोजित किए गए।
डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली
प्रत्येक लाभार्थी महिला का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज कर नियमित फॉलो-अप किया गया, जिससे उपचार प्रक्रिया में निरंतरता बनी रही।
परामर्श एवं जनजागरूकता
आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ‘माता बैठकों’ के माध्यम से स्तनपान, टीकाकरण, स्वच्छता और पोषण के बारे में जागरूकता बढ़ाई गई।
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा
सुरक्षित प्रसव के लिए महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्थाओं के कारण संस्थागत प्रसव दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
इस अभियान के लिए डॉ. स्मिता सालवे और डॉ. प्रेरणा देवतले ने नोडल अधिकारी के रूप में समन्वय करते हुए पूरे जिले में अभियान का सफल क्रियान्वयन किया।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
जिला परिषद गढ़चिरोली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे ने कहा,
“जिले की भौगोलिक परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएँ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई गई हैं। ‘स्वस्थ नारी’ ही ‘सशक्त परिवार’ की नींव है—यह हमारे कार्य से सिद्ध हुआ है। यह पुरस्कार पूरी टीम की निष्ठा का सम्मान है।”
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रताप शिंदे ने कहा,
“दुर्गम क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के हमारे संकल्प को इस सम्मान से नई ऊर्जा मिली है। स्वास्थ्य विभाग के हर कर्मचारी ने अथक परिश्रम किया है।”
इस सफलता के पीछे सभी तालुका स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य सहायक तथा विशेष रूप से आशा कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी मेहनत, लगन और सेवा भावना के कारण गढ़चिरोली जिले का नाम राज्य स्तर पर गर्व से लिया जा रहा है, ऐसा जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रताप शिंदे ने बताया।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम 

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