गड़चिरोली पुलिस की पहल: 14 आत्मसमर्पित माओवादियों की नसबंदी रिओपनिंग सर्जरी सफल
गड़चिरोली : गड़चिरोली पुलिस द्वारा आत्मसमर्पित माओवादी सदस्यों के पुनर्वास के लिए एक सराहनीय पहल के तहत 14 आत्मसमर्पित माओवादियों की नसबंदी रिओपनिंग (रीकैनालाइजेशन) सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। इस पहल का उद्देश्य उन्हें सामान्य पारिवारिक जीवन जीने में सक्षम बनाना है।
यह विशेष उपक्रम गड़चिरोली पुलिस और SEARCH Foundation के संयुक्त प्रयास से ‘प्रोजेक्ट संजीवनी’ के अंतर्गत 21 मार्च 2026 को चातगांव स्थित दंतेश्वरी अस्पताल में आयोजित किया गया। इनमें से 13 सदस्य गड़चिरोली जिले के और 1 सदस्य गोंदिया जिले का था। सभी को 24 मार्च 2026 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन आत्मसमर्पित माओवादियों को स्थिर और सुरक्षित पारिवारिक जीवन प्रदान करना है, जो नक्सल संगठन में सक्रिय रहते हुए इससे वंचित थे। सभी सर्जरी विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में सुरक्षित तरीके से संपन्न हुईं।
इस कार्यक्रम का मार्गदर्शन डॉ. अभय बंग, डॉ. रानी बंग तथा जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाड़े द्वारा किया गया। साथ ही मुंबई के लीलावती अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित गड़चिरोली जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अब तक गड़चिरोली पुलिस द्वारा कुल 50 आत्मसमर्पित माओवादियों की नसबंदी रिओपनिंग सर्जरी की जा चुकी है। इनमें से पहले सर्जरी कराए गए 36 लोगों में से 13 को संतान प्राप्ति भी हुई है, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है।
इसके अलावा, पुनर्वास के तहत कई अन्य योजनाएं भी चलाई जा रही हैं, जिनमें रोजगार प्रशिक्षण, आवास सुविधा, पहचान पत्र उपलब्ध कराना, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाएं और सामूहिक विवाह जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। 72 आत्मसमर्पित माओवादियों को Lloyds Metals and Energy Limited में प्रशिक्षण और रोजगार भी दिया गया है।
यह पूरा प्रोजेक्ट पुलिस अधीक्षक गड़चिरोली श्री नीलोत्पल के मार्गदर्शन में तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग से सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।
यह पहल न केवल आत्मसमर्पित माओवादियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
रिपोर्टर : संजय यमसलवार
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