माओवाद के खिलाफ लड़ने वाले C-60 जवानों को मिलेगा विशेष ‘C-60 पदक’ — मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

गडचिरोली : माओवाद के खिलाफ लड़ाई में महाराष्ट्र पुलिस को बड़ी सफलता मिली है और अब राज्य में माओवादी गतिविधियां नगण्य स्तर पर पहुंच गई हैं। इसी के मद्देनजर कम से कम तीन वर्ष तक C-60 बल में सेवा देने वाले जवानों को राज्य सरकार की ओर से विशेष ‘C-60 पदक’ देने की घोषणा मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने की।

यह घोषणा मुख्यमंत्री की उपस्थिति में पुलिस महानिदेशक कार्यालय में आयोजित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अर्धवार्षिक बैठक में की गई। बैठक में गृह राज्यमंत्री (ग्रामीण) पंकज भोयर, गृह राज्यमंत्री (शहरी) योगेश कदम, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव मनीषा म्हैसकर तथा पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि गढ़चिरौली जैसे क्षेत्रों में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है और लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हो रही हैं। हालांकि, माओवादी गतिविधियों को फिर से उभरने से रोकना अब अगली बड़ी चुनौती है। इस संघर्ष में अब तक 244 पुलिस कर्मी शहीद हुए हैं, जबकि 609 नागरिकों की जान गई है।
उन्होंने पुलिस व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि अपराध जांच और न्याय प्रक्रिया में ‘एंड-टू-एंड’ डिजिटाइजेशन बेहद जरूरी है। डिटेक्शन से लेकर सबूत जुटाने और चार्जशीट दाखिल करने तक की पूरी प्रक्रिया को 100 प्रतिशत डिजिटल बनाने से साक्ष्यों की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। नवी मुंबई में लागू ब्लॉकचेन आधारित एविडेंस मैनेजमेंट सिस्टम को राज्यभर में लागू करने की योजना भी उन्होंने बताई।
मुख्यमंत्री ने अपराधों में दोषसिद्धि दर (कन्विक्शन रेट) बढ़ाने के लिए असफल मामलों का विश्लेषण करने के निर्देश ‘सीआईडी’ को दिए। गंभीर अपराधों में दोषसिद्धि बढ़ाने के लिए स्पष्ट कार्यपद्धति (SOP) और रोडमैप तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
सड़क दुर्घटनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि नागपुर और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर किए गए प्रयोगों से दुर्घटनाओं में कमी आई है। इसी तरह की रणनीति अपनाकर मृत्यु दर कम करने के निर्देश दिए गए।
सायबर सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ बेहतर समन्वय की आवश्यकता जताई। आपत्तिजनक और खतरनाक सामग्री को तेजी से हटाने के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, बढ़ते ऑनलाइन कट्टरपंथ (रैडिकलाइजेशन) को रोकने के लिए सक्रिय उपाय करने पर भी जोर दिया।
पुलिस बल के भीतर संवाद को मजबूत बनाने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को कनिष्ठों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं समझनी चाहिए। “नेतृत्व का अर्थ लोगों को प्रेरित करना है,” यह कहते हुए उन्होंने अधिकारियों को अपने आचरण से उदाहरण प्रस्तुत करने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अपराधों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश देते हुए उन्होंने कहा कि यह समस्या आने वाली पीढ़ी को नुकसान पहुंचाने वाली है।
फॉरेंसिक मामलों में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के लिए पुलिस विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पहले जहां 2 से 3 लाख मामले लंबित रहते थे, अब उनमें काफी कमी आई है। आगे सभी मामलों को समय पर निपटाकर फॉरेंसिक कार्य को रियल-टाइम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
अंत में, मुख्यमंत्री ने बेहतर कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए मासिक पुरस्कार योजना शुरू करने का सुझाव दिया और अपेक्षित प्रदर्शन न करने वालों को मार्गदर्शन देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम 

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