पत्रकारों पर हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज,समाचार पत्रों के लिए दरवृद्धि की मांग

कुरखेड़ा : पत्रकारों पर हो रहे अन्याय को रोकने तथा राज्य के सभी समाचार पत्रों को सरकारी विज्ञापनों में 150 प्रतिशत दरवृद्धि देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर वॉइस ऑफ मीडिया के प्रतिनिधियों ने आज तहसीलदार, कुरखेड़ा के माध्यम से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य का समाचार पत्र उद्योग लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जो जनता तक शासन की योजनाएं, निर्णय और नीतियां पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस उद्योग पर आर्थिक दबाव काफी बढ़ गया है। इस संबंध में वॉइस ऑफ मीडिया द्वारा पहले भी कई बार शासन को ज्ञापन सौंपे गए और आंदोलन भी किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण स्तंभ के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए मीडिया का मजबूत होना जरूरी है, इसलिए सरकार को इस दिशा में तुरंत सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
इसके अलावा, पत्रकारों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। राज्य में कई स्थानों पर पत्रकारों के साथ पुलिस, असामाजिक तत्वों और राजनीतिक लोगों द्वारा दबाव और दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं। इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा पत्रकार संरक्षण कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग भी की गई है।
वॉइस ऑफ मीडिया ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन की ओर से तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
यह ज्ञापन प्रभारी नायब तहसीलदार वैभव आंबेकर के माध्यम से शासन को भेजा गया। इस अवसर पर वॉइस ऑफ मीडिया के तालुका अध्यक्ष विजय भैसारे, उपाध्यक्ष रमेश बोरकर, सचिव विजय नाकाडे, सिराज पठान, महेंद्र लाडे, राम लांजेवार, कैलाश उईके, विनोद नागपुरकर, राकेश चव्हाण, शालिकराम जनबंधु, गजानन भोयर सहित कई सदस्य उपस्थित थे।
रिपोर्टर : रूपेंद्रसिंह सेंगर 

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