आलापल्ली में अनिश्चितकालीन धरना; वन विभाग में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कर्मचारियों का ऐलान
गडचिरोली : आलापल्ली स्थित विभागीय वन कार्यालय के सामने आज से वन परिक्षेत्र के क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई है। वन विभाग में कथित भ्रष्टाचार, मनमानी कार्यप्रणाली और दमनकारी रवैये के विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है, जिससे प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कर्मचारियों ने वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री जी. जी. गणवीर की कार्यशैली पर तीखी नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया है कि स्वीकृत विकास कार्यों को निर्धारित बजट के केवल 25 से 30 प्रतिशत राशि में पूरा करने का दबाव डाला जा रहा है। अन्यथा कार्य न करने के अप्रत्यक्ष निर्देश दिए जा रहे हैं। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग के साथ-साथ कार्यों की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात कही गई है।
आरोपों के अनुसार, जिला वार्षिक योजना के तहत वर्ष 2024 से अब तक किए गए विभिन्न कार्यों में ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर आर्थिक अनियमितताएं की गई हैं। इसके अलावा, मजदूरों की मजदूरी उच्च स्तर से स्वीकृत होने के बावजूद दो से तीन महीने तक रोकी जा रही है, जिससे श्रमिकों में असंतोष बढ़ रहा है।
कर्मचारियों ने महिला कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार, अश्लील भाषा के प्रयोग और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि इससे विभाग का कार्य वातावरण अत्यंत तनावपूर्ण हो गया है। साथ ही, कुछ मामलों में मजदूरी की राशि खाते में जमा दिखाकर RTGS के माध्यम से हेराफेरी करने का भी आरोप लगाया गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि इन सभी मामलों की जांच कर रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालय को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे नाराज कर्मचारियों ने “न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा” का स्पष्ट इशारा दिया है।
इस बीच, 16 अप्रैल से शुरू हो रहे इस अनिश्चितकालीन आंदोलन के कारण वन विभाग के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। अब इन गंभीर आरोपों पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
रिपोर्टर : संजय यमसलवार

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