बारिश से पहले धान उठाव पूरा करें - आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उइके

गडचिरोली : खुले में रखे धान को प्राथमिकता के आधार पर मिलर्स तक पहुंचाने और बारिश शुरू होने से पहले सभी धान का उठाव पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उइके ने संबंधित विभागों को दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में धान का नुकसान नहीं होना चाहिए, इसके लिए सख्त और सुव्यवस्थित योजना बनाई जाए।

महाराष्ट्र राज्य सहकारी आदिवासी विकास महामंडल के माध्यम से गडचिरोली जिले में चल रही धान खरीदी प्रक्रिया की समीक्षा आज मंत्री डॉ. उइके ने की। इस बैठक में आदिवासी विकास विभाग के सचिव विजय वाघमारे, जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे और आदिवासी आयुक्त लीना बनसोड प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
बैठक के दौरान मंत्री ने धान परिवहन के लिए केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार 100 प्रतिशत जीपीएस प्रणाली अनिवार्य होने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जीपीएस व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। साथ ही धान भंडारण के लिए गोदामों की कमी को जल्द दूर करने और भंडारण क्षमता बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
मंत्री ने कहा कि सभी पंजीकृत किसानों की धान खरीदी-बिक्री प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित की जाए। वन पट्टा धारकों की ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने, ई-फसल निरीक्षण (ई-पीक) 100 प्रतिशत पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाने और सहकारी समितियों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में राइस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि केंद्र सरकार के मानकों के अनुसार धान से 67 प्रतिशत चावल प्राप्त होना अपेक्षित है, जबकि वास्तविकता में यह 52 से 54 प्रतिशत ही हो रहा है, जिससे नुकसान हो रहा है। इसके अलावा परिवहन, हमाली और गोदाम उपलब्धता से जुड़ी समस्याएं भी सामने रखी गईं। इस पर मंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से इन समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।
बैठक में आदिवासी विकास विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मंत्री डॉ. उइके ने शबरी आदिवासी विकास महामंडल की ऋण योजनाओं का लाभ लेने वाले लाभार्थियों से संवाद किया, उनके स्वरोजगार कार्यों की जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना की।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम 

 

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