दिव्यांग प्रमाणपत्र विवाद में अहेरी के सीओ पर कार्रवाई की तलवार
गडचिरोली : अहेरी नगर पंचायत के मुख्याधिकारी गणेश शहाणे पर दिव्यांग प्रमाणपत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए गडचिरोली के जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग और नगर विकास विभाग को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग की है। इससे शहाणे पर प्रशासनिक कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, गणेश शहाणे का चयन महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के माध्यम से दिव्यांग कोटे में हुआ था। हालांकि, उन्होंने पहले पुणे जिले में दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था, जिसे 22 नवंबर 2022 को मेडिकल जांच के बाद यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि वे दिव्यांग आरक्षण के पात्र नहीं हैं।
इसके बाद आरोप है कि शहाणे ने धुळे जिले में वैकल्पिक रास्ता अपनाते हुए कथित रूप से अधूरे पते और फर्जी आधार कार्ड के आधार पर मेडिकल कॉलेज से ‘श्रवणदोष’ (हियरिंग इम्पेयरमेंट) का प्रमाणपत्र प्राप्त किया। इस संबंध में अहेरी के महेबूब अली द्वारा शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।
आयोग ने भी जताई शंका
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग ने भी सामान्य प्रशासन विभाग को भेजे पत्र में शहाणे के दिव्यांग प्रमाणपत्र पर सवाल उठाए हैं। आयोग ने ससून सामान्य अस्पताल और शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्हें दिव्यांग न मानने की बात कही है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि अब तक न तो उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज किया गया है और न ही उन्हें पद से हटाया गया है।
गंभीर अपराध की श्रेणी में मामला
शासकीय सेवा में प्रवेश के लिए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग एक गंभीर अपराध माना जाता है। इसी आधार पर जिलाधिकारी ने अपर मुख्य सचिव (सेवा) और अपर मुख्य सचिव (नगर विकास विभाग) से मामले में सख्त कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
इस मुद्दे को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने भी विधानसभा में उठाया था, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
शहाणे ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, गणेश शहाणे ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने इस संबंध में पहले ही अप्रैल और दिसंबर में लिखित स्पष्टीकरण दिया है। उनका दावा है कि उनका दिव्यांग प्रमाणपत्र पूरी तरह वैध है और इसकी जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग तथा लोकसेवा आयोग को पहले ही दी जा चुकी है।
अब इस पूरे प्रकरण में शासन स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
रिपोर्टर : संजय यमसलवार

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