प्रकल्प ‘सक्षम बालक: कुपोषण मुक्त बचपन’ की शुरुआत, जिमलगट्टा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुधार की दिशा में बड़ा कदम

गड़चिरोली : गड़चिरोली जिले के अतिदुर्गम और आदिवासी बहुल देचलीपेठा–जिमलगट्टा क्षेत्र में कुपोषण के खिलाफ एक अहम पहल की शुरुआत की गई है। “प्रकल्प सक्षम बालक: कुपोषण मुक्त बचपन” के माध्यम से क्षेत्र के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया गया है।

यह प्रकल्प दि जोश फाउंडेशन, जिमलगट्टा द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसे राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, मुंबई का सहयोग प्राप्त है।
प्रकल्प का शुभारंभ जिमलगट्टा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र तथा देचलीपेठा अंतर्गत तोडका आंगनवाड़ी केंद्र में किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर बच्चों तक सीधे पहुंच बनाकर उनके स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति में सुधार करना है।
इस योजना के अंतर्गत बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच, वजन एवं ऊंचाई मापन, कुपोषित बच्चों की पहचान तथा आवश्यक चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, बच्चों और उनके अभिभावकों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक किया जाएगा और संतुलित भोजन के महत्व की जानकारी दी जाएगी।
प्रकल्प का एक महत्वपूर्ण पहलू मातृ सशक्तिकरण भी है। गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम, पोषण मार्गदर्शन और स्वास्थ्य परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
फिलहाल इस प्रकल्प को पायलट आधार पर देचलीपेठा–जिमलगट्टा क्षेत्र में लागू किया गया है। इसके परिणामों के आधार पर भविष्य में इसे गड़चिरोली जिले के अन्य दूरदराज क्षेत्रों में भी विस्तारित करने की योजना है।
प्रकल्प के उद्घाटन अवसर पर डॉ. दुर्गा जराते, दि जोश फाउंडेशन के पदाधिकारी मधुकर कांबले, संतोष कांबले और श्रीनिवास कुमरे उपस्थित रहे। इस दौरान मधुकर कांबले ने सहयोग के लिए राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल क्षेत्र के बच्चों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
इस प्रकल्प से क्षेत्र में कुपोषण की समस्या को कम करने और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने की उम्मीद जताई जा रही है।

रिपोर्टर : संजय यमसलवार 

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