मलेरिया उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार; जिला सामान्य अस्पताल में पूर्वतैयारी समीक्षा बैठक संपन्न
गड़चिरोली : गड़चिरोली जिले में मलेरिया उन्मूलन अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला सामान्य अस्पताल, गड़चिरोली में हाल ही में एक महत्वपूर्ण पूर्वतैयारी एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मलेरिया की समय पर पहचान, उपचार पद्धतियों में नवीनतम बदलाव, तकनीकी प्रशिक्षण तथा सटीक डेटा प्रबंधन जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मार्गदर्शन करते हुए एनवीबीडीसीपी (NVBDCP) के संचालक डॉ. भुयान ने कहा कि “मलेरिया मुक्त गड़चिरोली के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक मरीज की जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है। इस अभियान के अंतर्गत ‘पाथ’ (PATH) संस्था के माध्यम से डेटा प्रबंधन तकनीकी रूप से किया जाएगा। सभी क्लिनिशियनों को प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी करनी होगी। सटीक आंकड़े और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ही मलेरिया नियंत्रण को प्रभावी बना सकते हैं।”
वहीं जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाड़े ने उपचार व्यवस्था की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए बताया कि जिले के सभी चिकित्सा अधिकारियों को मलेरिया उपचार संबंधी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “विशेष रूप से जटिल (कॉम्प्लिकेटेड) मलेरिया के मरीजों के लिए ‘ल्युमेफैन्ट्रिन’ (Lumefantrine) दवा की अनुशंसा की गई है। इसके साथ ही पूर्व में सामने आए मामलों का पूर्वलक्षी अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। प्रत्येक गंभीर मरीज का केस ऑडिट अनिवार्य रूप से किया जाएगा, ताकि उपचार की गुणवत्ता और बेहतर हो सके।”
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिलेभर के सभी चिकित्सा अधिकारियों को मलेरिया उपचार में और अधिक दक्ष बनाया जाएगा। ‘पाथ’ संस्था चिकित्सकों को तकनीकी प्रशिक्षण देने के साथ-साथ अभियान से संबंधित संपूर्ण डेटा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेगी। उपचार की प्रभावशीलता पर नजर रखने के लिए प्रत्येक मलेरिया मामले का विस्तृत ऑडिट किया जाएगा तथा जटिल मरीजों के लिए आधुनिक उपचार पद्धतियों का उपयोग कर उसका लिखित अध्ययन भी तैयार किया जाएगा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सा विशेषज्ञ तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि बुखार, ठंड लगना, कमजोरी, सिरदर्द या मलेरिया जैसे लक्षण दिखाई दें तो घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत नजदीकी शासकीय अस्पताल में पहुंचकर निःशुल्क जांच और उपचार का लाभ लें। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जनसहभागिता, समय पर उपचार और मजबूत तकनीकी व्यवस्था के जरिए गड़चिरोली को मलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जा सकता है।
रिपोर्टर : संजय यमसलवार

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