मीटर रीडिंग लिए बिना भेजे जा रहे मनमाने बिजली बिल
गड़चिरौली - जिले के अहेरी तहसील अंतर्गत आलापल्ली क्षेत्र में महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित (महावितरण) के खिलाफ उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। आरोप है कि महावितरण द्वारा कई उपभोक्ताओं के घरों में वास्तविक मीटर रीडिंग लिए बिना ही मनमाने और अत्यधिक बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। इससे आम नागरिक आर्थिक संकट में आ गए हैं तथा बिल कम करवाने और सुधार की मांग को लेकर महावितरण कार्यालय में उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। जानकारी के अनुसार, आलापल्ली स्थित महावितरण के कार्यकारी अभियंता कार्यालय परिसर में सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाओं, बुजुर्गों तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आए नागरिकों ने आरोप लगाया कि उनके घरों में सामान्य बिजली उपयोग होने के बावजूद इस बार दोगुना और तिगुना बिजली बिल भेजा गया है।
कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली विभाग के कर्मचारी मीटर रीडिंग लेने उनके घर तक पहुंचे ही नहीं, इसके बावजूद कंप्यूटराइज्ड अनुमान के आधार पर भारी-भरकम बिल जारी कर दिए गए। अचानक आए बढ़े हुए बिजली बिलों ने गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। संतप्त नागरिकों ने महावितरण अधिकारियों के समक्ष जोरदार नाराजगी व्यक्त करते हुए मांग की कि सभी बिजली बिलों की पुनः जांच कर वास्तविक मीटर रीडिंग के आधार पर संशोधित बिल जारी किए जाएं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिना मीटर जांच के मनमाने तरीके से बिल भेजना जनता के साथ अन्याय है और इससे आर्थिक शोषण हो रहा है। इस दौरान महावितरण अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनते हुए संबंधित बिलों की जांच कर आवश्यक सुधार करने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के बिलों में त्रुटियां पाई जाएंगी, उन्हें नियमानुसार ठीक किया जाएगा। हालांकि स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो तथा पारदर्शी और सटीक बिलिंग व्यवस्था लागू की जाए। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो उपभोक्ता आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे
रिपोर्टर - संजय यमसलवार


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