“तेल संकट में कालाबाजारियों की चांदी! पेट्रोल-डीजल के लिए जनता बेहाल, खुलेआम लूट रहे अवैध विक्रेता”
गडचिरोली : जिले में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की कमी ने आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पेट्रोल पंपों पर ईंधन की किल्लत का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले लोग मालामाल हो रहे हैं। हालत यह है कि पेट्रोल पंपों के बाहर पानठेलों, छोटी दुकानों और सड़क किनारे अवैध रूप से बोतलों में पेट्रोल-डीजल बेचने का कारोबार खुलेआम चल रहा है। मजबूरी में लोगों को पेट्रोल 140 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल 110 से 120 रुपये प्रति लीटर तक खरीदना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों और दूरदराज इलाकों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है। पेट्रोल पंपों पर “स्टॉक खत्म” के बोर्ड लगने के बाद वाहन चालक घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन ईंधन नहीं मिलने पर अंततः उन्हें कालाबाजारियों से महंगे दामों में पेट्रोल-डीजल खरीदना पड़ रहा है। इससे रोज कमाने-खाने वाले मजदूर, किसान, छोटे व्यापारी और नौकरीपेशा लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ लोग पेट्रोल पंपों से पहले ही बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदकर जमा कर लेते हैं और बाद में संकट का फायदा उठाकर ऊंचे दामों में बेचते हैं। कई स्थानों पर प्लास्टिक की बोतलों और डिब्बों में पेट्रोल खुलेआम बेचा जा रहा है, जिससे सुरक्षा का भी बड़ा खतरा बना हुआ है। ज्वलनशील पदार्थ होने के बावजूद बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के अवैध बिक्री जारी है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
नागरिकों ने यह भी कहा कि इस कालाबाजारी के कारण आम जनता के बीच सरकार और प्रशासन की छवि खराब हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। सोशल मीडिया पर भी लोग सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पेट्रोल-डीजल की कृत्रिम कमी पैदा करने वालों तथा अवैध रूप से ऊंचे दामों में ईंधन बेचने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी पेट्रोल पंपों की नियमित जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि आम नागरिकों को निर्धारित दरों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध हो सके।
जनता का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस कालाबाजारी पर लगाम नहीं लगाई, तो आने वाले दिनों में आम लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम


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