गडचिरोली में प्रशासनिक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ : भ्रष्ट अधिकारियों में मचा हड़कंप

गडचिरोली : गडचिरोली जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए प्रशासनिक स्तर पर बड़ा ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ शुरू किया है। वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान हुए आर्थिक अनियमितताओं और कथित घोटालों की गहन जांच के आदेश जारी होने से भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरी कार्रवाई?
पिछले कई दिनों से हिंदू जागर द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर हुए आर्थिक घोटालों और अनियमितताओं को लेकर लगातार समाचार प्रकाशित किए जा रहे थे। इन खबरों को गंभीरता से लेते हुए सीईओ सुहास गाडे ने केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर सीधे फील्ड में उतरकर जांच करने का निर्णय लिया है।
1 जून 2026 से 31 जुलाई 2026 तक जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और आर्थिक लेन-देन की विस्तृत जांच की जाएगी।
जांच के मुख्य बिंदु
* ग्राम पंचायतों के कैश बुक और आर्थिक दस्तावेजों की बारीकी से जांच
* विकास कार्यों की मौके पर जाकर माप एवं सत्यापन
* GeM पोर्टल और ई-टेंडर नियमों के उल्लंघन की जांच
* फर्जी खरीद और आर्थिक अपहार के मामलों की पड़ताल
* गंभीर अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों पर फौजदारी मामला दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई
नागरिकों के लिए हेल्पलाइन जारी
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील की है। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है या किसी प्रकार की गड़बड़ी करता है, तो नागरिक सीधे 9405218776 नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन ने शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखते हुए कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रशासनिक कार्रवाई की सराहना
सीईओ सुहास गाडे के इस सख्त और साहसी कदम की जिलेभर में सराहना हो रही है। नागरिकों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और सरकारी धन सही मायनों में विकास कार्यों पर खर्च होगा। वहीं, ‘हिंदू जागर’ द्वारा किए गए लगातार खुलासों के बाद प्रशासनिक गलियारों में भी भारी हलचल देखी जा रही है।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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