"खेत बचाओ अभियान" से जागी नई उम्मीद: कढोली में किसान गोष्ठी में प्राकृतिक खेती और खरीफ तैयारी पर मिला मार्गदर्शन

गड़चिरोली​ : कृषि विभाग एवं कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), चामोर्शी के संयुक्त तत्वावधान में चामोर्शी तहसील के कढोली गांव में "खेत बचाओ अभियान" एवं खरीफ पूर्व किसान गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव तथा आगामी खरीफ सीजन की तैयारी संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी एवं परियोजना संचालक (आत्मा) श्रीमती प्रीति हिरलकर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में अल नीनो की स्थिति का खेती पर पड़ने वाले प्रभाव, फसलों की सुरक्षा तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।
गोष्ठी के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कर जानकारी दी गई। इसमें हरी खाद, अजोला, जीवामृत, बीजामृत तथा दशपर्णी अर्क की तैयारी एवं उपयोग की विधियां समझाई गईं। साथ ही रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम कर जैविक एवं प्राकृतिक संसाधनों के अधिक उपयोग का आह्वान किया गया।
श्रीमती हिरलकर ने किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर फसल नियोजन करने की सलाह देते हुए फल बागवानी, सब्जी उत्पादन, फसल प्रबंधन तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महिला किसान उत्पादक कंपनी (एफपीओ) के गठन पर भी मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम में तालुका कृषि अधिकारी अमित तुमडाम, मंडल कृषि अधिकारी बालू डोंगरे, उप कृषि अधिकारी सुनील यचवाड, सहायक कृषि अधिकारी गणेश सोमनकर, बीटीएम जे.एच. जिरितकर, कृषि सखी शैला देशमुख एवं रंजना बावणे सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कढोली क्षेत्र की महिला किसान समूहों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। किसानों ने प्राकृतिक खेती एवं खरीफ सीजन की तैयारी से जुड़ी जानकारी को उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की मांग की।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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