लाखों की योजनाएँ बनीं ‘सफेद हाथी’! जाप्राबाद में पानी टंकियां और घंटागाड़ी पड़ी निष्क्रिय

गढ़चिरोली - सिरोंचा तहसील के जाप्राबाद ग्रामपंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद आम नागरिकों को उसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। गांव में निर्मित दो पानी टंकियां तथा हाल ही में खरीदी गई घंटागाड़ी उपयोग के अभाव में निष्क्रिय पड़ी होने से ग्रामपंचायत के कार्यों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पेयजल सुविधा मजबूत करने के उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च कर दो पानी टंकियों का निर्माण किया गया था,लेकिन आज तक इनका प्रभावी उपयोग नहीं हो सका। परिणामस्वरूप ग्रामीणों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है,जबकि सरकारी धन से निर्मित सुविधाएं केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गई हैं।

इसी तरह स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए ग्रामपंचायत को उपलब्ध कराई गई नई घंटागाड़ी भी गांव में नियमित रूप से उपयोग में नहीं लाई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कचरा संकलन और स्वच्छता अभियान के लिए लाई गई यह गाड़ी अधिकांश समय निष्क्रिय खड़ी रहती है,जिससे स्वच्छता व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर गांव में पानी,सड़क और सफाई जैसी मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं,वहीं दूसरी ओर लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई सुविधाएं जनता के किसी काम नहीं आ रही हैं। इससे ग्रामपंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सिरोंचा तालुका सचिव रवि बारसागंडी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों पर खर्च हुए निधि का सार्वजनिक लेखा-जोखा सामने लाया जाए तथा बंद पड़ी पानी टंकियों और घंटागाड़ी को तत्काल शुरू किया जाए। अन्यथा जनता को साथ लेकर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
ग्रामीणों ने भी संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेकर जनता की समस्याओं का समाधान करता है।

रिपोर्टर - चंद्रशेखर पुलगम

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