प्रसूता की थमती सांसों को दिया नया जीवन: स्टाफ नर्स कविता की सूझबूझ से टली मातृ मृत्यु,जिला अस्पताल में चल रहा उपचार

गडचिरोली : वडसा ग्रामीण अस्पताल में एक स्टाफ नर्स की तत्परता, साहस और पेशेवर दक्षता ने एक प्रसूता को नया जीवन दे दिया। प्रसव के पांच दिन बाद अचानक हृदयाघात (कार्डियक अरेस्ट) का शिकार हुई महिला की सांसें और दिल की धड़कनें थम चुकी थीं, लेकिन ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स कविता ने समय रहते सीपीआर (CPR) देकर उसकी जान बचा ली। इस घटना से जिले में एक संभावित मातृ मृत्यु टल गई है और स्वास्थ्य विभाग में नर्स कविता की सराहना हो रही है।

वडसा ग्रामीण अस्पताल में पहले सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाडे के विशेष प्रयासों और मार्गदर्शन से डॉ. हीना की नियुक्ति के बाद अस्पताल में नियमित रूप से सिजेरियन सेवाएं शुरू हुई हैं। वर्तमान में यहां हर महीने 5 से 10 सफल सिजेरियन ऑपरेशन किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्र की महिलाओं को बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व डॉ. हीना ने एक गर्भवती महिला का सफल सिजेरियन ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन के पांचवें दिन महिला को अचानक तेज दौरे पड़ने लगे और कुछ ही क्षणों में उसकी सांसें तथा हृदय की धड़कन बंद हो गई। अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स कविता ने बिना घबराए तत्काल स्थिति को संभाला। हृदय रोग अस्पताल में कार्य करने के पूर्व अनुभव और विशेष प्रशिक्षण के आधार पर उन्होंने मरीज को तुरंत सीपीआर देना शुरू किया। लगातार प्रयासों के बाद महिला की धड़कनें और सांसें वापस लौट आईं तथा उसकी स्थिति में सुधार होने लगा।
मरीज की हालत स्थिर होने के बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मिसार और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. हीना की देखरेख में उसे आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल गडचिरोली रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
इस सराहनीय कार्य पर जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाडे ने स्टाफ नर्स कविता, डॉ. हीना और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मिसार को बधाई देते हुए कहा कि नर्स कविता ने अपने प्रशिक्षण, कर्तव्यनिष्ठा और प्रसंगावधान का उत्कृष्ट परिचय देकर एक मातृ मृत्यु को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे समर्पित स्वास्थ्यकर्मी ही सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर जनता का विश्वास मजबूत करते हैं।
वर्तमान में महिला की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और स्वास्थ्य विभाग इस सफल जीवनरक्षक प्रयास को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण मान रहा है।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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