राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए गड़चिरोली के 96 आदिवासी छात्र दिल्ली रवाना राष्ट्रपति भवन,
गड़चिरोली : आदिवासी विद्यार्थियों को देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं, ऐतिहासिक विरासत, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास तथा उच्च शिक्षा के अवसरों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराने के उद्देश्य से जिला वार्षिक आदिवासी उपयोजना के तहत एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया है। इस अभिनव पहल के अंतर्गत गड़चिरोली जिले की शासकीय आश्रमशालाओं के 96 आदिवासी छात्र-छात्राएं दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं, जहां उन्हें राष्ट्रपति भवन में महामहिम राष्ट्रपति Droupadi Murmu से मिलने का दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा। यह शैक्षणिक दौरा एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया है। इसमें गड़चिरोली, अहेरी और भामरागढ़ क्षेत्र की शासकीय आश्रमशालाओं के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। गड़चिरोली परियोजना से 52, अहेरी से 25 तथा भामरागढ़ से 19 विद्यार्थियों सहित कुल 96 छात्र-छात्राएं इस भ्रमण में भाग ले रहे हैं। इनके साथ 9 महिला एवं पुरुष कर्मचारी मार्गदर्शक के रूप में मौजूद रहेंगे। इस प्रकार कुल 105 सदस्यीय दल दिल्ली यात्रा पर रवाना हुआ है।
23 से 28 जून तक आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थी चार दिनों तक दिल्ली में विभिन्न राष्ट्रीय महत्व के स्थलों का दौरा करेंगे। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात के अलावा वे Parliament House, Prime Ministers' Museum and Library, National Science Centre, Indian Institute of Technology Delhi, Jantar Mantar, Raj Ghat, Red Fort, Qutub Minar तथा National Zoological Park का भी भ्रमण करेंगे। इस दौरान विद्यार्थियों को देश की संसदीय व्यवस्था, वैज्ञानिक प्रगति, सांस्कृतिक धरोहर और उच्च शिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त होगी।विद्यार्थियों के दल को आज गड़चिरोली से रवाना किया गया। इस अवसर पर Avishyanth Panda तथा Arun M. ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देकर विदाई दी।कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर अविश्यांत पांडा ने विद्यार्थियों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्थाओं और राष्ट्रीय महत्व के केंद्रों को निकट से देखने का यह अवसर विद्यार्थियों को नई प्रेरणा देगा तथा उन्हें अपने भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की दिशा में प्रोत्साहित करेगा। दुर्गम एवं आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं, ऐतिहासिक धरोहरों और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति से प्रत्यक्ष मुलाकात का अवसर प्रदान करने वाली यह पहल उनके शैक्षणिक, बौद्धिक एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही इस अनुभव से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें उच्च शिक्षा तथा प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिलेगी।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम
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