मानसून से पहले बिजली व्यवस्था दुरुस्त करें, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : जिलाधिकारी

गड़चिरोली : मानसून के आगमन से पहले जिले की विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मानसून पूर्व रखरखाव और मरम्मत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने 60 प्रतिशत से कम कार्य पूरा करने वाले विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने महावितरण और पारेषण विभाग की मानसून पूर्व तैयारियों का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने कहा कि गड़चिरोली एक दुर्गम एवं आदिवासी बहुल जिला है, जहां बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने पर आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए शिकायतों का इंतजार करने के बजाय महावितरण को सक्रिय होकर संभावित समस्याओं का पहले ही समाधान करना होगा।
बैठक में सिरोंचा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि सिरोंचा तहसील की संपूर्ण बिजली आपूर्ति अल्लापल्ली से सिरोंचा तक फैली लगभग 95 किलोमीटर लंबी 66 केवी लाइन पर निर्भर है। यह लाइन घने जंगलों से होकर गुजरती है, जिसके कारण बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित होती है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिमलगट्टा सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर चेन-सॉ कटर, वाहन और आवश्यक उपकरणों से लैस विशेष दलों को स्थायी रूप से तैनात करने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने पर जोर दिया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
सिरोंचा की बिजली समस्या के स्थायी समाधान के लिए तेलंगाना के किस्टामपेट से सिरोंचा तक 132 केवी विद्युत लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दिसंबर 2026 से पहले हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद सिरोंचा क्षेत्र को वैकल्पिक और अधिक सक्षम बिजली आपूर्ति मिलेगी, जिससे बार-बार होने वाली बिजली कटौती में बड़ी कमी आएगी।
बैठक में अंकिसा, बामणी, कारसपल्ली, घोट, येनापुर, आरमोरी और आमिर्झा जैसे अधिक व्यवधानग्रस्त फीडरों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को इन फीडरों की विशेष जिम्मेदारी सौंपते हुए व्यवधान कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा भामरागढ़ क्षेत्र में जंगलों से गुजरने वाली लाइनों पर पुराने इंसुलेटरों को हटाकर आधुनिक पॉलिमर इंसुलेटर लगाने का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए महावितरण ने विभिन्न उपकेंद्रों के संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। सिरोंचा स्विचयार्ड, जिमलगट्टा, अल्लापल्ली, चामोर्शी, गड़चिरोली और एटापल्ली उपकेंद्रों में शिकायत दर्ज कर नागरिक तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
बैठक में महावितरण के अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता, उपकार्यकारी अभियंता तथा अन्य तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मानसून के दौरान जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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