‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर किसान कर्जमुक्ति योजना 2026’ से 56 लाख किसानों को राहत

 गडचिरोली : महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को कर्ज से राहत देने के लिए राज्य की सबसे बड़ी कर्जमाफी योजना ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर किसान कर्जमुक्ति योजना 2026’ लागू करने का निर्णय लिया है। इससे करीब 56 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है और सरकार लगभग 36,500 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

राज्य में सूखा, अतिवृष्टि, बाढ़ और ओलावृष्टि जैसी आपदाओं से किसान लगातार संकट में हैं। इसी कारण सरकार ने उन्हें दोबारा कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए यह कदम उठाया है।

अहिल्यादेवी होळकर के नाम पर योजना

पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर ने कृषि, सिंचाई और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया था। उनकी 300वीं जयंती वर्ष में योजना को उनका नाम दिया गया है।

पहले भी मिल चुकी है कर्जमाफी

इससे पहले भी राज्य सरकार 2017, 2019 और 2022 में विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को राहत दे चुकी है। फिर भी कई किसान दोबारा कर्ज में फंस गए, इसलिए सरकार ने नई योजना लाई है।

क्या है कर्जमुक्ति योजना?

योजना के तहत 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए अल्पकालीन फसल ऋण, पुनर्गठित और पुनर्पुनर्गठित ऋण शामिल होंगे। पात्र किसानों को अधिकतम 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी मिलेगी।

अगर किसी किसान का कर्ज 2 लाख रुपये से अधिक है, तो उसे अतिरिक्त राशि स्वयं जमा करनी होगी। 2 लाख रुपये तक का बोझ सरकार उठाएगी।

वन टाइम सेटलमेंट (OTS) का लाभ

जिन किसानों का बकाया 2 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें अतिरिक्त राशि 31 मार्च 2027 तक बैंक में जमा करने का मौका मिलेगा। इसके बाद वे भी योजना का लाभ ले सकेंगे।

नियमित ऋण चुकाने वालों को प्रोत्साहन

जो किसान 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में से किसी दो वर्षों में ऋण लेकर समय पर चुकाएंगे, उन्हें अधिकतम 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा। जिन किसानों ने 50 हजार रुपये से कम ऋण पूरा चुकाया है, उन्हें कम से कम 5 हजार रुपये का लाभ दिया जाएगा।

योजना की प्रमुख शर्तें

- प्रति किसान अधिकतम 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी।
- 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए ऋण पात्र।
- पुनर्गठित और पुनर्पुनर्गठित ऋण भी शामिल।
- आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य।
- राष्ट्रीयकृत, निजी, ग्रामीण, जिला सहकारी और प्राथमिक कृषि साख संस्थाओं के ऋण पात्र।

कौन नहीं होगा पात्र?

मंत्री, सांसद, विधायक, स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधि, 25 हजार रुपये से अधिक वेतन पाने वाले सरकारी कर्मचारी, सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी, आयकरदाता, 25 हजार रुपये से अधिक पेंशन पाने वाले पेंशनधारक और सहकारी संस्थाओं के उच्च पदाधिकारी इस योजना से बाहर रहेंगे।

किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल

सरकार का कहना है कि यह सिर्फ कर्जमाफी नहीं, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की पहल है। पारदर्शी और ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए लागू यह योजना महाराष्ट्र के कृषि इतिहास में अहम साबित हो सकती है।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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