अवैध रेत खनन मामले में मंडल अधिकारी और तलाठी निलंबित, तहसीलदार के निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजा
गडचिरोली : देसाईगंज तहसील के मौजा कोंढाला स्थित कोंढाला-सिंड्राई घाट (वैनगंगा नदी) क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन के दौरान ट्रैक्टर पलटने से एक व्यक्ति की मौत के मामले में जिलाधिकारी अविश्यंत पांडा ने कड़ा रुख अपनाते हुए राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है। मामले में मंडल अधिकारी और तलाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि तहसीलदार के निलंबन का प्रस्ताव विभागीय आयुक्त, नागपुर के माध्यम से राज्य शासन को भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, मौजा कोंढाला निवासी विलास महादेव ढकले (36 वर्ष), निवासी जिल्हेवाडा, तहसील देसाईगंज अवैध रूप से ट्रैक्टर द्वारा रेत का परिवहन कर रहे थे। इसी दौरान ट्रैक्टर पलट गया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
घटना को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जिला उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) गठित कर विस्तृत जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट तथा उपविभागीय अधिकारी, देसाईगंज द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ कि 10 जून 2026 के बाद संबंधित रेत घाट पर खनन पूरी तरह बंद करने के निर्देश होने के बावजूद अवैध रेत खनन और परिवहन जारी था। साथ ही स्थानीय राजस्व अधिकारियों द्वारा प्रभावी निगरानी और कार्रवाई नहीं किए जाने की भी पुष्टि हुई।
जांच के आधार पर संबंधित क्षेत्र की मंडल अधिकारी अर्चना टिस्कुले तथा तलाठी महादास ठाकरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा, मामले में प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए तहसीलदार देसाईगंज प्रीति डुढलकर के निलंबन का प्रस्ताव विभागीय आयुक्त, नागपुर के माध्यम से राज्य शासन को भेजा गया है।
जिलाधिकारी अविश्यंत पांडा ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध रेत खनन एवं परिवहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों पर नियंत्रण रखने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध भी कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले की सभी संबंधित एजेंसियों को अवैध गौण खनिज खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण रखने के लिए अधिक सतर्कता और सख्ती से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम
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