माओवादियों का हथियार निर्माण कारखाना ध्वस्त
गड़चिरोली - महाराष्ट्र के गड़चिरोली जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गड़चिरोली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के घने जंगल क्षेत्र में माओवादियों द्वारा संचालित हथियार निर्माण केंद्र और जमीन में छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में नक्सली सामग्री को बरामद कर मौके पर ही नष्ट कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार,गड़चिरोली जिले में माओवादी गतिविधियां अब लगभग समाप्ति की ओर हैं। इसके बावजूद सुरक्षा बलों पर हमले और विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के उद्देश्य से माओवादी संगठन विभिन्न प्रकार के हथियारों और विस्फोटक सामग्री का निर्माण और भंडारण करते रहे हैं। माओवादी संगठन अंतरराज्यीय सीमावर्ती दुर्गम जंगल क्षेत्रों का लाभ उठाकर हथियार निर्माण तथा विस्फोटक सामग्री को गुप्त रूप से जमीन में छिपाकर रखते थे, जिसका उपयोग नक्सल सप्ताह, चुनाव और अन्य अवसरों पर सुरक्षा बलों पर हमले करने के लिए किया जाता था।
इसी क्रम में 23 और 27 मई 2026 को की गई कार्रवाई के बाद, 27 जून 2026 को एक बार फिर गड़चिरोली पुलिस और सीआरपीएफ ने प्रभावी अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में माओवादी सामग्री बरामद करने में सफलता प्राप्त की।
बालबेडा जंगल क्षेत्र में चलाया गया विशेष अभियान
प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर गड़चिरोली पुलिस को जानकारी मिली थी कि महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित बालबेडा के जंगल क्षेत्र में माओवादियों ने हथियार निर्माण से संबंधित सामग्री और अन्य उपकरण छिपाकर रखे हैं। इसके बाद पुलिस अधीक्षक गड़चिरोली एम. रमेश के मार्गदर्शन में 26 जून 2026 को विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान में विशेष अभियान दल गड़चिरोली एवं प्राणहिता की संयुक्त छह टुकड़ियां, बम निष्क्रियकरण एवं निस्तारण दस्ता (बीडीडीएस) की एक टीम तथा सीआरपीएफ के जवानों को शामिल किया गया।
5 से 6 टन वजनी लेथ मशीन समेत भारी मात्रा में सामग्री बरामद
27 जून 2026 को सुरक्षा बलों ने जंगल क्षेत्र की घेराबंदी कर बीडीडीएस टीम की सहायता से व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जवानों ने जमीन में छिपाकर रखी गई बड़ी मात्रा में माओवादी सामग्री बरामद की, जिसमें शामिल हैं—
लगभग 5 से 6 टन वजन की एक लेथ मशीन
150 क्लेमोर और बीजीएल पाइप 220 संख्या में 12 बोर पाइप 20 रायफल रॉड मेटल पट्टियां अन्य हथियार निर्माण में प्रयुक्त सामग्री वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार, बरामद सभी माओवादी सामग्री को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए घटनास्थल पर ही नष्ट कर दिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सफल हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक गड़चिरोली एम. रमेश के आदेश और मार्गदर्शन में संपन्न हुई। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) कार्तिक मधिरा,अपर पुलिस अधीक्षक (प्रशासन) गोकुल राज जी,तथा पुलिस उपाधीक्षक (अभियान) विशाल नागरगोजे ने की। इस सफल अभियान को विशेष अभियान दल गड़चिरोली एवं प्राणहिता,इंटेलिजेंस सेल बीडीडीएस तथा सीआरपीएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने अभियान में शामिल सभी अधिकारियों और जवानों की सराहना करते हुए उनके साहस, सतर्कता और समर्पण की प्रशंसा की है।
गड़चिरोली में नक्सल विरोधी अभियान को मिली बड़ी सफलता
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से माओवादियों की हथियार निर्माण और विध्वंसक गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। साथ ही, महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान को भी महत्वपूर्ण मजबूती मिली है।
रिपोर्टर - संजय यमसलवार
No Previous Comments found.