सिरोंचा ग्रामीण अस्पताल में उपचार के दौरान 5 वर्षीय बालक की मौत, परिजनों ने लगाया चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप; निष्पक्ष जांच की मांग
गडचिरोली : गडचिरोली जिले के सिरोंचा ग्रामीण अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती एक पांच वर्षीय बालक की उपचार के दौरान मृत्यु हो जाने की दुखद घटना सामने आई है। घटना के बाद मृतक बालक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है तथा ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
मृत बालक की पहचान सचिन मोहन चेन्नुरी (निवासी- रगायपल्ली) के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र शासन द्वारा आयोजित हृदय शल्य चिकित्सा शिविर के लिए सचिन का चयन किया गया था। इसी प्रक्रिया के तहत उसे 5 जुलाई को सिरोंचा ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सकीय जांच के बाद उसे आगे के उपचार के लिए गडचिरोली भेजने की तैयारी की जा रही थी।
परिजनों के अनुसार, दिनभर बालक की तबीयत सामान्य और स्थिर थी तथा वह अन्य बच्चों के साथ खेल भी रहा था। लेकिन रात करीब 9 बजे ड्यूटी पर मौजूद परिचारिका द्वारा उसे एक इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद चिकित्सकों ने जांच कर बालक को मृत घोषित कर दिया।
घटना से आक्रोशित परिजनों ने आरोप लगाया है कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद ही बच्चे की हालत गंभीर हुई। उन्होंने कहा कि, "हमारा बच्चा पूरे दिन ठीक था। इंजेक्शन दिए जाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसलिए इस पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।"
इस घटना के बाद कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए जा रहे हैं। परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने पूछा है कि बालक को कौन-सा इंजेक्शन दिया गया था, उसे देने की चिकित्सकीय सलाह किसने दी थी, संबंधित दवा की गुणवत्ता और वैधता की जांच की गई थी या नहीं, तथा उपचार प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं।
स्थानीय नागरिकों ने भी इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बालक की मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
रिपोर्टर : संजय यमसलवार
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