मुख्यधारा की ओर मजबूत कदम: आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों को मिली राशन कार्ड की सौगात
गड़चिरोली : महाराष्ट्र सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वसन नीति के तहत पूर्व नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास लगातार तेज हो रहे हैं। इसी क्रम में अहेरी तहसील प्रशासन ने आत्मसमर्पित पूर्व नक्सली तारक्का उर्फ विमल चंद्रा सिडाम और मदनी गणपत तोरेम को राशन कार्ड (शिधापत्रिका) प्रदान कर उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की दिशा में महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध कराई।
बुधवार को अहेरी तहसील कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में तहसीलदार बालाजी सोमवंशी ने दोनों लाभार्थियों को राशन कार्ड वितरित किए। इस अवसर पर नायब तहसीलदार प्रतीक आढाव सहित राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जानकारी के अनुसार, तारक्का उर्फ विमल चंद्रा सिडाम कभी नक्सली संगठन की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी की सदस्य रही थीं। उन्होंने 1 जनवरी 2025 को तथा उनके पति सोनू उर्फ भूपती ने 15 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis की उपस्थिति में आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ विकास की मुख्यधारा को अपनाया था।
राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों को आवश्यक शासकीय दस्तावेज उपलब्ध कराकर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। राशन कार्ड मिलने से अब दोनों लाभार्थियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना सहित अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की पहल आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों के पुनर्वास को मजबूती देने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने और समाज की मुख्यधारा में स्थायी रूप से शामिल होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम
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