मध्यरात्रि में चातगांव स्वास्थ्य उपकेंद्र पहुंचे जिलाधिकारी, स्वास्थ्य सेवाओं का किया औचक निरीक्षण

गड़चिरोली : जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को चौबीसों घंटे गुणवत्तापूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं या नहीं, इसका प्रत्यक्ष जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी अविश्यांत पांडा तथा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे ने बुधवार देर रात गड़चिरोली के समीप स्थित चातगांव स्वास्थ्य उपकेंद्र का बिना पूर्व सूचना औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह परखना था कि रात के समय किसी मरीज या आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य कर्मचारी कितनी तत्परता से सेवा उपलब्ध कराते हैं तथा उपकेंद्र में आवश्यक सुविधाएं प्रभावी ढंग से संचालित हो रही हैं या नहीं। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। अधिकारियों ने उपचार के लिए आए एक दंपति से भी बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली।

मानसून के दौरान संक्रामक एवं मौसमी बीमारियों की आशंका को देखते हुए उपकेंद्र में उपलब्ध दवाओं के भंडार की विस्तृत जांच की गई। बुखार, दस्त, सर्दी, मलेरिया सहित अन्य सामान्य बीमारियों के उपचार हेतु आवश्यक दवाओं की उपलब्धता का जायजा लिया गया। साथ ही मलेरिया की जांच के लिए उपयोग में आने वाली आरडीके (रैपिड डायग्नोस्टिक किट) की उपलब्धता, भंडारण और उपयोग की तैयारियों का भी निरीक्षण किया गया।

इस दौरान अधिकारियों ने उपकेंद्र में आने वाले मरीजों की संख्या, उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता, सेवा वितरण की व्यवस्था तथा विभिन्न शासकीय रजिस्टर, रिकॉर्ड बुक और अन्य अभिलेखों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। संबंधित कर्मचारियों को सभी अभिलेख नियमित रूप से अद्यतन रखने और सेवा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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