आखिरकार जनता ने ही संभाली 'कमलापुर–रेपणपल्ली' सड़क; जनसहभाग से भरे गए गड्ढे,प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल

गड़चिरोली : गड़चिरोली जिले के अहेरी तहसील अंतर्गत कमलापुर से रेपणपल्ली को जोड़ने वाली मुख्य सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में होने के कारण आम नागरिकों के लिए परेशानी और हादसों का कारण बनी हुई थी। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के चलते वाहन चालकों को रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा था। कई बार शिकायतें और निवेदन देने के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर आखिरकार क्षेत्र के नागरिकों ने स्वयं आगे आकर सड़क की मरम्मत का जिम्मा उठाया।

सामाजिक कार्यकर्ता संतोष ताटीकोंडावार के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों ने जनसहभाग और श्रमदान के माध्यम से सड़क के गड्ढों को खड़ी और मिट्टी डालकर भर दिया। लोगों ने स्वखर्च से सामग्री जुटाई और सामूहिक प्रयास से सड़क की अस्थायी मरम्मत कर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

मुख्य मार्ग की बदहाली से रोजाना झेलनी पड़ रही थी परेशानी

कमलापुर–रेपणपल्ली मार्ग क्षेत्र के कई गांवों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से विद्यार्थी, किसान, मरीज, कर्मचारी और व्यापारी प्रतिदिन आवागमन करते हैं। लेकिन सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को संतुलन बनाकर चलना पड़ रहा था, जबकि चारपहिया वाहनों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था।

बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क पूरी तरह तालाब जैसी दिखाई देने लगी थी। ऐसे में दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया था और स्थानीय लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही थी।

शिकायतों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सड़क की दयनीय स्थिति को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को शिकायतें तथा निवेदन दिए गए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। लंबे समय तक कोई मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने से लोगों का धैर्य जवाब दे गया।

जनसहभाग से बनी मिसाल

प्रशासन की उदासीनता से परेशान होकर सामाजिक कार्यकर्ता संतोष ताटीकोंडावार ने स्वयं पहल की। उन्होंने ग्रामीणों को एकजुट किया और जनसहभाग के माध्यम से सड़क के गड्ढे भरने का अभियान शुरू किया। ग्रामीणों ने श्रमदान किया, जबकि आवश्यक सामग्री स्वखर्च से उपलब्ध कराकर सड़क को यातायात योग्य बनाने का प्रयास किया।

इस पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय पर अपनी जिम्मेदारी निभाता, तो नागरिकों को स्वयं सड़क मरम्मत के लिए मैदान में उतरने की नौबत नहीं आती।

सामाजिक कार्यकर्ता संतोष ताटीकोंडावार ने क्या कहा?

"सड़क की बदहाल स्थिति के कारण रोजाना लोगों की जान जोखिम में पड़ रही थी। प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। आम नागरिकों की सुविधा और दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से हमने स्वयं आगे आकर जनसहभाग के माध्यम से सड़क की मरम्मत की है। यह कदम प्रशासन को उसकी जिम्मेदारी का एहसास कराने और व्यवस्था को जगाने का एक छोटा-सा प्रयास है।"

स्थायी मरम्मत की मांग तेज

स्थानीय नागरिकों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग से मांग की है कि कमलापुर–रेपणपल्ली मार्ग की केवल अस्थायी नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और स्थायी मरम्मत तत्काल कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क का पुनर्निर्माण नहीं किया गया तो भविष्य में बड़े हादसे होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

जनसहभाग से सड़क की मरम्मत ने जहां ग्रामीणों की एकजुटता का परिचय दिया है, वहीं यह घटना प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस जनआवाज को कितनी गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाता है।

रिपोर्टर : संजय यमसलवार 

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