पुलिस उपनिरीक्षक पवन बांडे की पहल से टोडका गांव में आज़ादी के बाद पहली बार शुरू हुई बस सेवा

गड़चिरोली : महाराष्ट्र के गड़चिरोली जिले के अहेरी तहसील के अतिसंवेदनशील एवं दुर्गम क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले इंद्रावती नदी तट पर बसे मौजा टोडका गांव ने विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आज़ादी के बाद पहली बार इस गांव तक महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) की नियमित बस सेवा शुरू हुई है। इस महत्वपूर्ण पहल के पीछे देचलीपेठा उप पुलिस स्टेशन के प्रभारी पुलिस उपनिरीक्षक पवन बांडे की सक्रिय पहल तथा ग्रामीणों की सहभागिता प्रमुख रही।

देचलीपेठा उप पुलिस स्टेशन की सीमा में स्थित टोडका गांव पुलिस उप चौकी से लगभग छह किलोमीटर दूर स्थित है। वर्षों से बस सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण गांव के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार तथा सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। विशेष रूप से विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को आवागमन के लिए काफी परेशानियां झेलनी पड़ती थीं।

ग्रामीणों ने कई बार देचलीपेठा पुलिस स्टेशन पहुंचकर गांव में बस सेवा शुरू करने की मांग की। इसके अलावा पुलिस की ग्राम भ्रमण एवं जनसंवाद बैठकों के दौरान भी ग्रामीणों ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया। लोगों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक पवन बांडे ने अहेरी एसटी बस आगार का दौरा किया और आगार प्रबंधक के समक्ष ग्रामीणों की समस्या विस्तार से रखते हुए टोडका गांव तक बस सेवा शुरू करने का अनुरोध किया।

पुलिस प्रशासन के सतत प्रयासों के बाद एसटी आगार प्रबंधन ने सकारात्मक पहल करते हुए कुछ दिन पूर्व ट्रायल बस भेजकर सड़क का निरीक्षण कराया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सड़क संकरी होने तथा बस संचालन में बाधाएं आने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस उपनिरीक्षक पवन बांडे के मार्गदर्शन में पुलिस कर्मियों और ग्रामीणों ने श्रमदान कर सड़क पर मौजूद अवरोधों को हटाया तथा आवश्यक स्थानों पर सड़क को बस आवागमन के अनुकूल बनाया।

इन सामूहिक प्रयासों का परिणाम यह रहा कि 12 जुलाई 2026 से टोडका गांव के लिए एसटी बस सेवा आधिकारिक रूप से शुरू हो गई। स्वतंत्रता के बाद पहली बार गांव में बस पहुंचने पर ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने बस का स्वागत करते हुए इसे गांव के इतिहास का यादगार और ऐतिहासिक दिन बताया।

बस सेवा शुरू होने से अब विद्यार्थियों को स्कूल और महाविद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी। किसानों को कृषि उपज के परिवहन में राहत मिलेगी, वहीं मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचने में आसानी होगी। इसके अलावा ग्रामीणों के लिए अहेरी सहित अन्य स्थानों तक सरकारी एवं निजी कार्यों के लिए आवागमन भी पहले की तुलना में अधिक सरल हो जाएगा।

देचलीपेठा पुलिस की इस जनहितकारी पहल ने यह साबित किया है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए भी पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए गड़चिरोली जिला पुलिस, देचलीपेठा उप पुलिस स्टेशन के प्रभारी पुलिस उपनिरीक्षक पवन बांडे, पुलिस स्टाफ तथा अहेरी एसटी आगार प्रबंधन का हृदय से आभार व्यक्त किया।

रिपोर्टर : संजय यमसलवार 
 

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