आदिवासी विद्यार्थियों से किया संघर्ष से सीख लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का आह्वान
गड़चिरोली : गड़चिरोली जिले की अहेरी तहसील के कमलापुर स्थित भगवंतराव उच्च माध्यमिक आश्रम विद्यालय में "मेरा शैक्षणिक सफर और संघर्ष" विषय पर प्रेरणादायी व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रेपनपल्ली वन परिक्षेत्र अंतर्गत देवलमारी नियत क्षेत्र के वनरक्षक देवाजी गोटा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि "आदिवासी विद्यार्थियों के लिए सफलता का एकमात्र मार्ग कठोर परिश्रम है। मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।"
अपने जीवन संघर्ष को साझा करते हुए देवाजी गोटा ने बताया कि उनका जन्म एक अत्यंत गरीब आदिवासी परिवार में हुआ। उच्च शिक्षा के लिए वे चंद्रपुर गए, जहां उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए समाचार पत्र वितरित करने का कार्य किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की और आज वन विभाग में वनरक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा कि आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के सामने भौगोलिक विषमताएं, दुर्गम परिस्थितियां तथा अभिभावकों में शिक्षा के प्रति जागरूकता का अभाव जैसी अनेक चुनौतियां होती हैं। इसके बावजूद यदि विद्यार्थी दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत करें, तो वे हर कठिनाई पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।
देवाजी गोटा ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि कनिष्ठ महाविद्यालय में अध्ययन के दौरान ही शिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले और वर्तमान समय की प्रतियोगी परीक्षाओं में काफी अंतर आ चुका है। आज प्रतियोगी परीक्षाओं का पाठ्यक्रम अधिक व्यापक हो गया है। शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इसकी जानकारी समय पर मिल जाती है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक यह जानकारी देर से पहुंचती है। ऐसे में शिक्षकों को भी आगे बढ़कर विद्यार्थियों का उचित मार्गदर्शन करना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भगवंतराव उच्च माध्यमिक विद्यालय के माध्यमिक शिक्षक सुनील तुरकर ने की। कार्यक्रम में विद्यालय के मुख्याध्यापक आर. जे. शेख प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की प्रस्तावना प्राचार्य किशोर बुरबुरे ने प्रस्तुत की। संचालन माध्यमिक शिक्षक प्रवीण चौधरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन माध्यमिक शिक्षक खुशाल रणदिवे ने किया।
यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी साबित हुआ तथा उन्हें शिक्षा, संघर्ष और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति नई दिशा एवं सकारात्मक प्रेरणा प्राप्त हुई।
रिपोर्टर : संजय यमसलवार
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