उफनती नदी में फंसे एक ही परिवार के तीन लोगों को SDRF ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
गड़चिरौली - जिले के भामरागढ़ तहसील में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच जिला प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) ने साहस और तत्परता का परिचय देते हुए एक ही परिवार के तीन लोगों की जान बचा ली। उफनती पामुलगौतमी नदी और नाले के बीच फंसे तीनों लोगों को रात के अंधेरे,तेज बारिश और प्रचंड जलधारा के बीच चलाए गए विशेष बचाव अभियान में सुरक्षित बाहर निकाला गया। बचाए गए लोगों में नवी केये कुडयामी (40 वर्ष) अर्चना केये कुडयामी (16 वर्ष) और अक्षरा केये कुडयामी (3 वर्ष) शामिल हैं। तीनों भामरागढ़ तहसील के लाहेरी गांव के निवासी हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,बुधवार सुबह तीनों खेत में काम करने के लिए गांव से बाहर गए थे। इसी दौरान पूरे दिन हुई भारी बारिश के कारण पामुलगौतमी नदी और आसपास के नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। शाम करीब पांच बजे नदी में अचानक बाढ़ आ गई और लाहेरी का नाला भी उफान पर आ गया। देखते ही देखते तीनों चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गए और नदी तथा नाले के बीच फंस गए। तेज बहाव के कारण उनके लिए नदी या नाला पार करना पूरी तरह असंभव हो गया था। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण उनके बह जाने का गंभीर खतरा पैदा हो गया था। स्थिति की सूचना शाम करीब साढ़े छह बजे ग्रामीणों ने भामरागढ़ के तहसीलदार किशोर बागड़े को दी। इसके बाद मामले की जानकारी तत्काल जिला कलेक्टर अविश्यांत पांडा को दी गई।
जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिना किसी देरी के एसडीआरएफ की टीम को मौके पर रवाना करने के निर्देश दिए। शाम सात बजे से रात दस बजे तक लगातार बारिश, अंधेरा और तेज बहाव जैसी कठिन परिस्थितियों के बीच एसडीआरएफ के जवानों ने साहसिक अभियान चलाया। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
इस सफल बचाव अभियान में तहसीलदार किशोर बागड़े, एसडीआरएफ के पीएसआई मंगलसिंह डाबेराव और उनकी टीम, लाहेरी गांव के ग्रामीणों तथा तहसील कार्यालय के कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों की सतर्कता, जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और एसडीआरएफ के बेहतर समन्वय के कारण यह जीवनरक्षक अभियान सफल रहा।
लगातार हो रही अतिवृष्टि के बीच इस साहसिक रेस्क्यू अभियान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समय पर मिली सूचना, प्रशासन की तत्परता और बचाव दल की बहादुरी से बड़ी से बड़ी आपदा में भी अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
रिपोर्टर - चंद्रशेखर पुलगम
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