"एक युद्ध नशे के विरुद्ध" अभियान को गड़चिरौली पुलिस ने दी नई गति, स्कूल-कॉलेजों के साथ मिलकर शुरू की व्यापक मुहिम

गड़चिरौली :  माओवाद जैसी बड़ी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर रही गड़चिरौली पुलिस अब समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठा रही है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित "नशा मुक्त भारत 2047" अभियान के तहत "एक युद्ध नशे के विरुद्ध" अभियान को गति देते हुए गुरुवार को गड़चिरौली पुलिस ने जिले के विभिन्न स्कूलों और महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं मुख्याध्यापकों की विशेष बैठक आयोजित की। यह बैठक पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों और युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रखने तथा शैक्षणिक संस्थानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने कहा कि नशे की लत केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। इसलिए स्कूल और कॉलेज स्तर पर ही विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना, शुरुआती लक्षणों की पहचान करना तथा समय पर उचित मार्गदर्शन और परामर्श उपलब्ध कराना आवश्यक है।

इस दौरान सभी शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिए गए कि विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने के लिए खेलकूद, व्यायाम, निबंध प्रतियोगिता, चित्रकला, पथनाट्य, भाषण एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन किया जाए, ताकि युवाओं का ध्यान नशे जैसी बुराइयों से हटकर रचनात्मक गतिविधियों की ओर आकर्षित हो।

बैठक में स्कूलों, महाविद्यालयों और छात्रावासों में नशीले पदार्थों की बिक्री या सेवन से संबंधित गोपनीय जानकारी प्राप्त करने के लिए शिकायत पेटी (कंप्लेंट बॉक्स) स्थापित करने तथा प्राप्त सूचनाओं को तत्काल संबंधित पुलिस थाने तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।

इसके अलावा प्रत्येक महाविद्यालय में एंटी ड्रग कमेटी गठित करने और छात्रावासों में एंटी ड्रग सर्विलांस स्क्वाड बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही स्कूल परिसरों के आसपास स्थित कैंटीन, स्टेशनरी दुकानों, खाद्य सामग्री की दुकानों तथा अन्य संदिग्ध स्थानों पर निगरानी रखने, विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन मंगाए जाने वाले पार्सलों और ई-सिगरेट जैसी वस्तुओं पर विशेष नजर रखने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने सभी विद्यार्थियों और युवाओं से स्वस्थ शरीर, व्यसनमुक्त जीवन और उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहकर ही युवा अपने परिवार, समाज और राष्ट्र का नाम रोशन कर सकते हैं। गड़चिरौली पुलिस का यह अभियान पुलिस और शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित कर जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.