आदिवासी समाज के प्रथम डॉक्टर डॉ. कन्ना मडावी का अहेरी में भव्य नागरिक सम्मान

गड़चिरोली : दुर्गम आदिवासी क्षेत्र में तीन दशक से भी अधिक समय तक निरंतर, निस्वार्थ और समर्पित भाव से चिकित्सा सेवा देने वाले आदिवासी समाज के प्रथम डॉक्टर डॉ. कन्ना मडावी को महाराष्ट्र शासन द्वारा राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान "महाराष्ट्र भूषण" से सम्मानित किया जाए, ऐसी भावनात्मक एवं दृढ़ मांग वनवैभव शिक्षण मंडल के सचिव अब्दुल जमीर अब्दुल हकीम ने की। वे अहेरी में वनवैभव शिक्षण मंडल द्वारा आयोजित भव्य नागरिक सम्मान समारोह की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।

भावनात्मक माहौल में आयोजित इस समारोह में डॉ. मडावी का मानपत्र, शॉल-श्रीफल तथा दो लाख रुपये के सम्मान राशि (चेक) देकर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सामाजिक, शैक्षणिक, चिकित्सा, राजनीतिक तथा आदिवासी समाज से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों सहित सैकड़ों नागरिक उपस्थित रहे और उनके सेवाकार्य को नमन किया।

अब्दुल जमीर अब्दुल हकीम ने कहा कि, "डॉ. कन्ना मडावी माड़िया समाज के प्रथम डॉक्टर हैं। उन्होंने हजारों मरीजों को नया जीवन दिया, सैकड़ों महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया और आदिवासी समाज में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास कायम किया। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने अपने प्राणों की परवाह किए बिना दिन-रात मरीजों की सेवा की। विभिन्न राजनीतिक दलों से प्रस्ताव मिलने के बावजूद उन्होंने केवल मरीजों की सेवा को ही अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। ऐसे महान व्यक्तित्व को 'महाराष्ट्र भूषण' सम्मान मिलना समय की मांग है।"

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अनिकेत आमटे ने डॉ. मडावी के संघर्षपूर्ण जीवन की सराहना करते हुए कहा कि, "एटापल्ली तहसील के सुदूर कांदोली गांव से शुरू हुआ उनका सफर आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है। यह उनकी सेवानिवृत्ति नहीं, बल्कि समाजसेवा के एक नए अध्याय की शुरुआत है।"

प्रो. अब्दुल जहीर हकीम ने बताया कि पिछले 30 वर्षों में डॉ. मडावी ने 11 हजार से अधिक सफल शल्यक्रियाएं (ऑपरेशन) की हैं और हजारों मरीजों का जीवन बचाया है। वहीं शाहीन हकीम ने उन्हें "मानवता का सच्चा चेहरा" बताते हुए उनके त्याग और समर्पण की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

डॉ. समता मडावी ने कहा कि शहर में बसने के अनेक अवसर होने के बावजूद डॉ. मडावी ने आदिवासी समाज की सेवा का मार्ग चुना। वहीं डॉ. लुबना हकीम ने कहा, "मेरे डॉक्टर बनने की सबसे बड़ी प्रेरणा डॉ. कन्ना मडावी हैं।"

सम्मान के उत्तर में भावुक हुए डॉ. कन्ना मडावी ने कहा, "यह नागरिक सम्मान मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। मैं भले ही शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गया हूं, लेकिन समाजसेवा से कभी सेवानिवृत्त नहीं होऊंगा। जिस मिट्टी और समाज ने मुझे बनाया है, उसका ऋण चुकाने के लिए अंतिम सांस तक मरीजों की सेवा करता रहूंगा।"

इस अवसर पर आदिवासी नेता सैनूजी गोटा, नगरसेवक अमोल मुक्कावार, सामाजिक कार्यकर्ता पूर्वा दोन्तुलवार, पूर्व प्राचार्य रतन दुर्गे सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने डॉ. मडावी के अतुलनीय सेवाकार्य का गौरवपूर्ण उल्लेख किया।

डॉ. कन्ना मडावी को इससे पूर्व आनंदीबाई जोशी पुरस्कार, उत्कृष्ट स्त्रीरोग विशेषज्ञ पुरस्कार, वीर बाबूराव शेडमाके स्मृति पुरस्कार, NACO विशेष पुरस्कार, आर.एम.ए. नागपुर उत्कृष्ट स्त्रीरोग विशेषज्ञ पुरस्कार, स्व. बाबूराव मडावी जीवन गौरव पुरस्कार तथा शिवप्रिय शांति पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

कार्यक्रम की शुरुआत रानी दुर्गावती हाईस्कूल, आलापल्ली की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से हुई। कार्यक्रम का संचालन प्राजक्ता पेदापल्लिवार ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन किशोर पाचभाई ने किया। अहेरी सहित पूरे क्षेत्र के डॉक्टरों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों तथा सैकड़ों नागरिकों की उपस्थिति में यह सम्मान समारोह अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

  रिपोर्टर : प्रशांत नामनवार

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