जंगल में खुलेआम कचरा फेंकने से नागरिकों में आक्रोश, ग्राम पंचायत और वन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग
गड़चिरोली : आलापल्ली से मुलचेरा जाने वाले मार्ग पर इन दिनों कचरे का अंबार देखने को मिल रहा है। सड़क के किनारे स्थित जंगल में लगातार कचरा फेंके जाने से पूरे परिसर में गंदगी और दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है।
बताया जा रहा है कि सड़क से कुछ दूरी पर लॉयड मेटल्स कंपनी की ओर से कर्मचारियों के लिए मेस और निवास की व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वहां से निकलने वाला गंदा पानी सड़क किनारे जंगल की ओर छोड़ा जाता है। इसके अलावा, आलापल्ली के साप्ताहिक बाजार तथा अन्य दिनों में मांस बिक्री करने वाले व्यापारियों द्वारा भी सड़क किनारे जंगल में कचरा फेंके जाने की शिकायत सामने आ रही है।
हरियाली के लिए पहचाना जाने वाला मार्ग बना कचरे का ठिकाना!
आलापल्ली–मुलचेरा मार्ग दोनों ओर घने पेड़ों और हरियाली से घिरा हुआ है। सुबह और शाम बड़ी संख्या में नागरिक यहां टहलने आते हैं। वहीं वेलगुरु क्षेत्र के ग्रामीण भी रोजाना इसी मार्ग से आलापल्ली आना-जाना करते हैं। स्कूली विद्यार्थियों को भी इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।
लेकिन सड़क किनारे जमा कचरे और उससे उठने वाली तेज दुर्गंध के कारण नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे पर्यावरण के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
नागरिकों की प्रशासन से मांग
स्थानीय नागरिकों ने ग्राम पंचायत और वन विभाग से तत्काल इस मामले में ध्यान देने की मांग की है।
नागरिकों की मांग है कि—
- सड़क किनारे जंगल में कचरा फेंकने वालों की पहचान की जाए।
- कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- जंगल परिसर की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए।
- गंदा पानी जंगल में छोड़ने की व्यवस्था पर रोक लगाई जाए।
- भविष्य में कचरा न फेंका जाए, इसके लिए स्थायी व्यवस्था की जाए।
नागरिकों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत एवं वन विभाग को इस समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान करना चाहिए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है।
रिपोर्टर : मारोती कोलावार
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