अहेरी के उमानूर धान खरीदी केंद्र की लापरवाही से हजारों क्विंटल धान भीगा
गड़चिरोली - अहेरी तहसील मुख्यालय से करीब ६० किलोमीटर दूर स्थित उमानूर के धान खरीदी केंद्र में प्रशासन और प्रबंधन का बेहद लापरवाह एवं गैरजिम्मेदाराना रवैया सामने आया है। खुले में रखे गए हजारों क्विंटल धान बारिश में भीगकर खराब हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि करोड़ों रुपये के इस धान को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल से ढकने का कष्ट तक यहां के अध्यक्ष, सचिव अथवा संचालक मंडल ने नहीं उठाई। इस लापरवाही से जहां शासन को भारी नुकसान हो रहा है वहीं समीप स्थित जिला परिषद स्कूल के मासूम विद्यार्थियों की जान भी खतरे में पड़ गई है।
धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया और उसकी निगरानी आदिवासी विकास महामंडल, उपप्रादेशिक कार्यालय अहेरी के अधीन आती है। इसके बावजूद उमानूर केंद्र की इस गंभीर स्थिति की ओर संबंधित अधिकारियों द्वारा पूरी तरह अनदेखा किया जा रहा है। केंद्र परिसर में जमा कचरे के कारण भारी दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्या भी गंभीर होती जा रही है।
विद्यार्थियों पर सर्पदंश का खतरा; क्या धानोरा जैसी घटना की पुनरावृत्ति टलेगी?
उमानूर धान खरीदी केंद्र से सटकर ही जिला परिषद प्राथमिक स्कूल स्थित है। इस स्कूल में करीब ५० विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। धान खरीदी केंद्र में फैली गंदगी के कारण परिसर में चूहों, मेंढकों तथा विभिन्न कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप बढ़ गया है। परिणामस्वरूप भोजन की तलाश में जहरीले सांप भी इस परिसर में आकर्षित होकर विचरण करते हैं, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा हो गया है।
अभी सप्ताहभर पहले ही धानोरा तहसील के जपतलाई आश्रमशाला में सर्पदंश से तीन मासूम विद्यार्थियों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत की घटना सामने आई. इसी तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना उमानूर में भी न घटे, इसे लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में चिंता एवं भय का माहौल है।
विद्यार्थियों की सुरक्षा का सवाल गंभीर रूप से सामने आने के बावजूद स्थानीय प्रशासन और अहेरी का उपप्रादेशिक कार्यालय गहरी नींद में होने का आरोप लगाया जा रहा है। इस लापरवाही के खिलाफ स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। “क्या प्रशासन किसी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?” ऐसा सीधा सवाल नागरिकों द्वारा उठाया जा रहा है।
तत्काल उपाययोजना की मांग
संबंधित विभाग एवं आदिवासी विकास महामंडल के अहेरी उपप्रादेशिक कार्यालय को मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल धान खरीदी केंद्र परिसर की साफ-सफाई करानी चाहिए, खुले में रखा धान सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करना चाहिए तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रतिबंधात्मक उपाय तत्काल करने चाहिए। इस संबंध में स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों की ओर से जोरदार मांग की जा रही है।
रिपोर्टर - प्रशांत नामनवार
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